1.
धनलक्ष्मी और चन्द्रशेखर एक दूसरे से प्रेम करते थे. दोनों रिलेशनशिप से खुश थे. फिर एक दिन यूं हुआ कि चंद्रशेखर ने एक ऑडियो सुना. ऑडियो में धनलक्ष्मी की आवाज थी. धनलक्ष्मी किसी और से बात कर रही थी. बस इतनी सी बात और चंद्रशेखर ने धनलक्ष्मी को बेवफा मान लिया. और उसके बाद भी बातचीत करने की कोई कोशिश नहीं की. उसने चाकू उठाया और जिस लड़की से प्यार करता था, उसी को चाकू भोंका. एक, दो बार नहीं. 17 बार. ये घटना आंध्रप्रदेश के काकीनाडा की है. फिलहाल दोनों को अस्पताल में भर्ती किया गया है. चंद्रशेखर को भी चोटें आई थीं. पर वो तो बच जाएगा. धनलक्ष्मी की हालत नाजुक बनी हुई है. हम क्यों अपने बच्चों को रिजेक्शन हैंडल करना नहीं सिखा पाते?
2.
दिल्ली शहर हैरतअंगेज है. जितने लोग, सब अलग. जितने क्राइम, सब अलग. दो दिन पहले रवि सदर बाजार में था. तभी एक आदमी आया और राह चलते उसे जहर का इंजेक्शन दे दिया. रवि उसके बाद 24 घंटे ही जिया. जिस आदमी पर इंजेक्शन देने का आरोप है वो पकड़ा गया है. पुलिस कह रही है दोनों आदमी एक दूसरे को जानते थे.
3.
मुंबई शहर की आपाधापी में एक शाम अधेड़ उम्र का एक आदमी लोकमान्य तिलक टर्मिनस यार्ड के बाहर गाड़ी से आता है. उसके हाथ में एक सूटकेस है. घड़ी में वक़्त इस समय 7 बजकर 5 मिनट है. और देखते ही देखते वो वहां से निकल जाता है. अब वक़्त 7:15 है. आदमी अब प्लेटफॉर्म पर दिखाई देता है. सूटकेस अब भी उसके हाथ में है. पास में पार्सल यार्ड है. वहां ढेर सारे पार्सल आते हैं. आदमी अपना सूटकेस लेकर प्लेटफॉर्म छोड़ देता है. और बगल के खेतों की ओर जाने वाली सड़क पर चला जाता है. उसी शाम खेतों से लगी दसियों झुग्गियों में से एक की ओर अमित बढ़ रहा है. दिनभर के काम के बाद घर लौट रहा है. अमित को घर के पास सूटकेस मिलता है. अमित लावारिस सूटकेस देखकर घबरा गया. उसने पुलिस को फोन किया. पुलिस ने पहुंचकर सूटकेस खोला, तो उसमें से निकली लाश. मासूम शक्ल का एक 12 साल लड़का उसमें ठुंसा हुआ था. हाथ-पांव बंधे हुए थे.