कांग्रेस पार्टी ने बुधवार, 31 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव (Breach of Privilege Motion) पेश करने का नोटिस दिया है. PM मोदी के खिलाफ ये प्रस्ताव BJP सांसद अनुराग ठाकुर का भाषण शेयर करने के कारण पेश किया गया है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब के पूर्व सीएम और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने PM Modi के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की शिकायत की है.
PM मोदी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाने के पीछे कांग्रेस ने क्या तर्क दिए हैं?
PM मोदी के खिलाफ ये प्रस्ताव BJP सांसद अनुराग ठाकुर का भाषण शेयर करने के कारण पेश किया गया है.


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 जुलाई को लोकसभा में दी गई BJP सांसद अनुराग ठाकुर की स्पीच X पर शेयर की. PM मोदी ने लिखा,
"मेरे युवा और ऊर्जावान सहयोगी अनुराग ठाकुर का ये भाषण जरूर सुना जाना चाहिए. तथ्यों और व्यंग्य का सबसे सही मिश्रण है, 'INDI' गठबंधन की गंदी राजनीति को उजागर करता है."
30 जुलाई, 2024 को लोकसभा में BJP सांसद अनुराग ठाकुर की कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियों को सदन की कार्यवाही से निकाल दिया गया था. कांग्रेस की शिकायत है कि उन हटाए गए अंशों को प्रधानमंत्री ने पूरे भाषण वीडियो के साथ X पर ट्वीट किया.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पीएम मोदी के पोस्ट पर जवाब दिया,
"ये भाषण जिसे नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री 'अवश्य सुनने' वाला बता रहे हैं, इसमें इनके सांसद ने बेहद ही अपमानजनक, असंवैधानिक और निंदनीय बातें कही हैं. इसे शेयर करके प्रधानमंत्री ने संसदीय विशेषाधिकार के गंभीर उल्लंघन को बढ़ावा दिया है."
उन्होंने आगे लिखा,
"पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक सांसद और विपक्ष के नेता से उनकी जाति पूछकर संसदीय चर्चा के स्तर को और नीचे गिरा दिया है. विपक्षी बेंच के विरोध पर, अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने सांसदों को आश्वासन दिया कि भाषण के उन अंशों को हटा दिया जाएगा (34:40). सभी संसदीय मानदंडों से हटकर - संसद की कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटाए गए भाषण के अंश को एडिट और अपलोड किया जाता है, संसद टीवी ने अनएडिटेड भाषण अपलोड किया, और नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री ने इसे सार्वजनिक रूप से शेयर करते हुए इसकी तारीफ की है."
जयराम रमेश ने कहा कि ये भारत के संसदीय इतिहास में एक ‘नई और शर्मनाक गिरावट’ है. उन्होंने ये भी कहा कि ये गहरी जड़ें जमा चुके ‘BJP-RSS और नरेंद्र मोदी के जातिवाद’ को दिखाता है.
वहीं लोकसभा स्पीकर को लिखे खत में चरणजीत सिंह चन्नी की ओर से लिखा गया है कि सदन की कार्यवाही से हटाए गए शब्दों या अभिव्यक्ति का प्रकाशन विशेषाधिकार हनन है. खत में लिखा गया है कि लोकसभा की कार्यवाही से हटाई गई टिप्पणियों को ट्वीट कर PM ने ‘विशेषाधिकार हनन’ और ‘सदन की अवमानना’ की है.
लोकसभा में अनुराग ठाकुर ने क्या कहा था?30 जुलाई को लोकसभा में बजट पर जारी चर्चा के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री और हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर की एक टिप्पणी पर हंगामा हो गया था. अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा था, “जिसकी जाति का पता नहीं है, वो गणना की बात करता है.”
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे अपना अपमान बताया था. पूरे हंगामे के बीच कन्नौज से लोकसभा सांसद अखिलेश यादव ने भी हस्तक्षेप किया था. उन्होंने कहा था कि अनुराग ठाकुर मंत्री रहे हैं, लेकिन वे उनसे सिर्फ इतना कहना चाहते हैं कि उन्होंने जाति कैसे पूछ ली, वो जाति कैसे पूछ सकते हैं. अनुराग ठाकुर ने सफाई में कहा था कि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया.
Privilege Motion क्या है?संसद के सदस्यों को व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से कुछ अधिकार मिले हैं, ताकि वो अपने काम प्रभावी तरीके से कर सकें. जब इनमें से किसी भी अधिकार का उल्लंघन या उसकी अवहेलना की जाती है, तो इसे विशेषाधिकार हनन कहा जाता है. ये संसद के कानून के तहत दंडनीय होता है.
विशेषाधिकार का ये उल्लंघन एक नोटिस जारी करके व्यक्त किया जाता है, जिसे सदन के सदस्य द्वारा विशेषाधिकार प्रस्ताव (Privilege Motion) के तौर पर पेश किया जा सकता है. विशेषाधिकार प्रस्ताव (Privilege Motion) लोकसभा और राज्य सभा दोनों सदनों के सदस्यों के लिए हो सकता है.
वीडियो: संसद में आज: अखिलेश यादव और अनुराग ठाकुर के बीच जाति को लेकर जंग हुई तो जीता कौन?






















