इरान में महिलाओं के लिए हिजाब पहनना कानूनन ज़रूरी है. दूसरे देशों से आई महिला-मंत्री, अधिकारी भी सिर ढकती हैं लेकिन भारत की शूटर हीना सिद्धू ने इस नियम के चलते वहां खेलने से इनकार कर दिया है. पिछले कुछ दिनों से खबरें थीं कि इरान की राजधानी तेहरान में दिसंबर में होने वाली एशियन एयरगन चैंपियनशिप से अपना नाम वापिस लेने के लिए हीना सिद्धू ने नेशनल रायफल एसोसियशन को खत लिखा था. इस खबर की पुष्टि करते हुए हीना ने कई ट्वीट किए.
हीना सिद्धू का इरानी कानून को जवाब, नहीं पहनना हिजाब
महिलाओं के लिए इरान में हिजाब पहनना ज़रूरी है. वहां एशियन एयरगन चैंपियनशिप होनी है.

हीना ने अपने ट्वीटों में लिखा, 'मैं कोई क्रांतिकारी नहीं हूं लेकिन मुझे लगता है किसी खिलाड़ी के लिए हिजाब पहनना ज़रूरी कर देना खेल भावना के खिलाफ है. मुझे खिलाड़ी होने पर गर्व है क्योंकि अलग-अलग संस्कृतियों, विचारधाराओं, धर्मों, लिंगों के लोग बिना किसी भेदभाव के आपस में खेलते हैं. खेल मानवीय प्रयासों की पराकाष्ठा का प्रदर्शन है. ताकत, इच्छाशक्ति और प्रतिबद्धता के लिए और ज़ोर लगाने की योग्यता है - खेल.'

हीना सिद्धू ने ये भी ट्वीट किया, ‘ मैं राष्ट्रीय रायफल संघ को मेरे विचारों का सम्मान करने के लिए धन्यवाद देती हूं और इरान में खेलने जा रही हमारी टीम को शुभकामनाएं देती हूं. आओ हिजाब की बजाए खेल पर ध्यान दें.’
इरान अपने यहां आने वाली महिला खिलाड़ियों पर अपने कठोर नियम थोपने के लिए कुख्यात है. कोई 2 साल पहले भी हीना ने इरान में होने वाली एक चैंपियनशिप से अपना नाम वापिस ले लिया था.
रियो ओलंपिक में हीना 10 मीटर हवाई पिस्तौल क्वालिफिकेशन में 14वें स्थान पर रही थीं. इससे पहले हीना ने 2013 वर्ल्ड कप में गोल्ड जीता था और रियो ओलंपिक के लिए एशियन क्वालिफिकेशन में भी पहले स्थान पर रहीं थीं.













