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'झील फटी, तो नेपाल में कभी भी आ सकती है अगली बाढ़,' चीन ने फिर तबाही का खतरा जताया

Nepal Flash Floods: एक मैसेज में चाइनीज अधिकारियों ने लिखा कि नेपाल में जो झील दो दिन पहले बनी थी उसके पानी का रंग धीरे-धीरे गाढ़ा होता जा रहा है. इसका मतलब है कि वो कभी भी फट सकती है.

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चीन ने चेताया है कि नेपाल में जल्द ही दोबारा बाढ़ आ सकती है. (फोटो-रॉयटर्स)

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  • नेपाल में बनी झील के पानी का रंग गाढ़ा हो रहा है, जिससे चीन ने चेतावनी दी है कि यह झील कभी भी फट सकती है और इससे बाढ़ आ सकती है।
  • नेपाल में हाल ही में बाढ़ और भूस्खलन से 600 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई है, जिसके बाद नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर नई झील बनने की सूचना मिली है।
  • चीन ने सैटेलाइट और ड्रोन के माध्यम से खतरे की निगरानी शुरू की है और दोनों देशों ने रेस्क्यू ऑपरेशन भी रोक दिए हैं, जिससे आने वाले खतरे से निपटने की तैयारी हो रही है।

नेपाल में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने अब तक 600 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है. लेकिन आपदा अभी ख़त्म नहीं हुई है. आशंका है कि नेपाल में एक और बाढ़ किसी भी वक़्त आ सकती है. चीन ने नेपाल को फिर चेताया कि आपदा के समय जो झील बन गई, वो कभी भी फट सकती है. इसे एक चेतावनी की तरह लेना चाहिए. इससे पहले, चीन ने 28 अगस्त को अलर्ट जारी किया था. इसके बाद चीन और नेपाल दोनों ने रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया था.

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झील के पानी का रंग बदल रहा

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, चाइनीज अधिकारियों ने नेपाल को चेताया है कि वो सतर्क रहें. मैसेज में अधिकारियों ने लिखा कि जो झील दो दिन पहले बनी थी उसका रंग धीरे-धीरे गाढ़ा होता जा रहा है. इसका मतलब है कि झील कभी भी फट सकती है. अधिकारियों ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को ज्यादा सावधान रहने को कहा है. 

नेपाल नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट (NDRRMA) ने X पर पोस्ट कर इस झील की एक सैटेलाइट तस्वीर शेयर की. उनके मुताबिक, ये झील रसुवा गढ़ी बॉर्डर से करीब 18 किलोमीटर दूर है और 0.11 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई है. उन्होंने आसपास के इलाके में रह रहे लोगो को सतर्क रहने को कहा है.   

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NDRRMA ने शेयर की झील की सैटेलाइट तस्वीर.

नेपाल में बाढ़ के बाद इकट्ठा हुए मलबे से नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर ये झील बन गई. इसमें अब तक 25 लाख क्यूबिक मीटर पानी भर चुका है. ये झील चीन की तरफ बहने वाली छोछेन खोला नदी और नेपाल में बहने वाली पुरेपु त्सांगपो नदी के संगम के पास बनी है. वॉटर रिसोर्स मिनिस्ट्री ऑफ़ चाइना के मुताबिक, इसका पानी लगातार बढ़ता जा रहा है.

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अगर बाढ़ आई तो क्या होगा?   

रिपोर्ट के मुताबिक, चीन एक मॉडल के ज़रिए समझने की कोशिश कर रहा है कि अगर बाढ़ आई तो खतरा कितना बड़ा होगा. अब तक के आंकलन के अनुसार चीन का मानना है कि पानी का बहाव 500 क्यूबिक मीटर प्रकि सेकंड से ज्यादा नहीं होगा. यानी पानी नदी के किनारों के अंदर तक ही सीमित रहेगा.  

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28 अगस्त को चीन ने बताया था कि झील का पानी ओवरफ्लो होकर त्रिशूली नदी और लहंडे खोला नदी में गिर रहा है. लेकिन बाद में चाइनीज ब्रॉडकास्टर CCTV ने बताया कि रिस्क मैनेज कर लिया गया है. चीन सैटेलाइट और ड्रोन की मदद से इलाके पर नज़र रख रहा है.

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