'मर जाउंगी तब तो कोई वेश्या नहीं कहेगा'
चेहरे का इलाज कराने अस्पताल गई थी लड़की. कोर्ट में केस चल रहा था. पर इंसाफ की उम्मीद खो चुकी लड़की ने पहले ही जिंदगी का केस क्लोज कर दिया.
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21 साल की उस लड़की को अब पता लग गया था उसे इंसाफ नहीं मिलने वाला. पेशी में जाती तो जज सुनवाई से गायब रहते थे. वकील भी साथ नहीं दे रही थी, कहती थी ये केस छोड़ दे. सुसाइड नोट में उसने यही लिखा. 'जब मैं मर जाउंगी तब तो कोई मुझे वेश्या नहीं कह सकेगा, मुझे पता चल गया है मैं जिंदगी में आगे नहीं बढ़ पाउंगी.' जब लड़की चेहरे का इलाज कराने अस्पताल गई. तब नहीं पता था कि वहां तीन दरिंदे बैठे हुए हैं. एक डॉक्टर और दो पुलिस कॉन्स्टेबल. तीनों ने लड़की का रेप किया. वीडियो बनाकर छह महीने तक ब्लैकमेल किया. इंसाफ की उम्मीद छोड़ चुकी लड़की ने गुरुवार को भिलाई (छत्तीसगढ़) के अपने घर में सुसाइड कर लिया. 'द इंडियन एक्सप्रेस' की खबर के मुताबिक, लड़की ने अपने सुसाइड लेटर में लिखा कि उसे जस्टिस की उम्मीद नहीं थी. लड़की ने डॉक्टर और पुलिस कॉन्स्टेबलों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया. डॉक्टर गौतम पंडित, पुलिस कॉन्स्टेबल सौरभ भक्त और चंद्र प्रकाश पांडे के खिलाफ केस दर्ज है. तीनों पर लड़की के साथ कई बार रेप करने का आरोप है. पुलिस ने दोनों कॉन्स्टेबलों को अरेस्ट कर लिया. डॉक्टर ने खुद सरेंडर किया. तीनों इस वक्त जेल में हैं. 2014 का है मामला
जून 2014 में लड़की चेहरे का इलाज करवाने के लिए अस्पताल में एडमिट हुई थी. वहीं डॉक्टर और कॉन्स्टेबलों ने ड्रग्स देकर लड़की के साथ कई बार रेप किया. वीडियो बनाया. अस्पताल से छुट्टी होने के बाद भी लड़की का तीनों ने कई बार रेप किया. जनवरी 2015 में लड़की ने इस बारे में शिकायत दर्ज करवाई. कोर्ट केस चल रहा था. अगली तारीख 2 फरवरी की थी. लेकिन उससे पहले ही हार चुकी लड़की ने जिंदगी का केस क्लोज कर दिया.
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