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दुनिया में भारत की जय जय, चंद्रयान के कमाल को विदेशी मीडिया का सलाम

चंद्रयान-3 की सफलता को विदेशी मीडिया ने ऐतिहासिक बताया है. साथ ही साथ भारत को उभरती हुई 'स्पेस पावर' भी माना है.

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Chandrayaan-3 मिशन की सफलता के साथ ही भारत ने इतिहास रच दिया. (फोटो: इंडिया टुडे/एपी)

भारत के चंद्र मिशन चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) ने 23 अगस्त को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग कर इतिहास रच दिया. भारत ऐसा करने वाला दुनिया का पहला देश बना. ISRO की इस सफलता से पूरा देश जश्न में डूबा हुआ है. बधाइयों का तांता लगा हुआ है. इस बीच विदेशी मीडिया ने भी इस सफलता पर बहुत कुछ छापा है.

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अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की वेबसाइट ने इस पूरे इवेंट की लाइव फीड चलाई और चंद्रयान-3 की सफलता को रूस के विफल हुए मिशन लूना-25 के बरअक्स रखा. अखबार ने लिखा कि भारत चांद के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में लैंड करने वाला पहला देश है. साथ ही साथ अखबार ने यह भी लिखा कि भारत दुनिया का मात्र ऐसा चौथा देश है, जिसने चांद पर लैंडिंग की है.

चंद्रयान-3 की सफलता पर न्यूयॉर्ट टाइम्स की हेडलाइन. (स्क्रीनशॉट)

इधर, यूनाइटेड किंगडम के प्रतिष्ठित अखबार द गार्डियन की वेबसाइट ने चंद्रयान-3 की सफलतापूर्व लैंडिंग को अपनी लीड खबर बनाया. द गार्डियन ने इस सफलता को ऐतिहासिक बताया. अखबार ने लिखा कि चंद्रयान-3 की सफलता बताती है कि भारत एक 'स्पेस पावर' के तौर पर उभर रहा है और इस बीच सरकार इस क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा दे रही है. अखबार ने यह भी लिखा कि देश के करोड़ों लोग इस मिशन का लाइव टेलीकास्ट देख रहे थे और इसकी सफलता के लिए प्रार्थना कर रहे थे.

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BBC ने अपनी कवरेज में लिखा कि भारत ने चंद्रयान-3 की सफलतापूर्वक लैंडिंग के जरिए इतिहास रचा है. BBC ने ISRO के प्रमुख एस सोमनाथ के उस बयान को प्रमुखता से जगह दी, जिसमें उन्होंने चंद्रयान-3 की सफलता को हर पीढ़ी के वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत का नतीजा बताया. BBC ने लिखा कि यह भारत के लिए बहुत बड़ा पल है. BBC ने ये भी लिखा कि चांद के जिस क्षेत्र में चंद्रयान-3 की लैंडिंग हुई है, उसमें वैज्ञानिकों की रुचि लगातार बढ़ती जा रही है. अमेरिका भी इसी क्षेत्र में अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने की योजना बना रहा है.

पड़ोसी देश पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन ने लिखा कि इस मिशन के सफल होते ही भारत 'स्पेस पावर' के तौर पर उभरा है. अखबार ने लिखा कि ऊबड़-खाबड़ सतह ने लैंडिंग को मुश्किल बना दिया था, और चांद के इस क्षेत्र में पहली लैंडिंग ऐतिहासिक है.

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ये भी पढ़ें- Chandrayaan 3: चांद पर उतरते ही क्या करेगा लैंडर, रोवर कितनी देर बाद एक्टिव हो जाएगा?

हांगकांग और चीन को प्रमुखता से कवर करने वाले मीडिया आउटलेट साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने भी इसे ऐतिहासिक पल बताया. मीडिया आउटलेट ने लिखा कि भारत का इसी तरह का एक मिशन 2019 में फेल हो गया था. आउटलेट ने लिखा की चंद्रयान-3 को तब सफलता मिली है, जब इसी क्षेत्र में लैंडिंग करने जा रहा रूस का मिशन लूना-25 विफल हो गया था.

चंद्रयान-3 की सफलता पर अलजजीरा का ग्राफिक. (स्क्रीनशॉट)

कतर से चलने वाले मीडिया संस्थान अलजजीरा ने भी इस पूरे इवेंट की लाइव कवरेज की. मिशन की सफलता के बाद अलजजीरा की वेबसाइट पर शीर्षक लगाया गया- 'चंद्रयान-3 ने अंतरिक्ष में बनाया इतिहास'. मीडिया संस्थान ने लिखा कि भारत, अमेरिका, पूर्ववर्ती सोवियत संघ और चीन के साथ दुनिया का ऐसा चौथा देश बन गया है, जिसने चांद पर लैंडिंग की हो. संस्थान की वेबसाइट पर इसके साथ ही एक ग्राफिक भी दिखाया गया, जिसमें अलग-अलग देशों के चंद्र मिशन की जानकारी दी गई.

जर्मनी के मीडिया संस्थान डायचे वेले ने लिखा कि चंद्रयान-3 की सफलता के बाद पूरा भारत जश्न में डूब गया. संस्थान ने लिखा कि भारत अब अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी एक बड़ी लीग का हिस्सा बन गया है.   

वीडियो: चंद्रयान 3 की चांद पर लैंडिंग से पहले विदेशी मीडिया ने भारत के इस मिशन पर क्या लिखा?

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