चंडीगढ़ मेयर चुनाव (Chandigarh Mayor election) में कथित धांधली के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव कराने वाले प्रिसाइडिंग ऑफिसर को कड़ी फटकार लगाई है. सोमवार, 5 फरवरी को इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) डी.वाई. चंद्रचूड़ की अगुआई में तीन जजों की बेंच ने की. CJI ने मेयर चुनाव का वीडियो देखा और कहा कि प्रिसाइडिंग ऑफिसर यानी यानी पीठासीन अधिकारी पर केस किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि ये साफ है, बैलेट पेपर के साथ छेड़छाड़ की गई.
चंडीगढ़ मेयर चुनाव: CJI बोले, 'ये लोकतंत्र की हत्या है'
CJI ने पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह को लेकर कहा, 'इस आदमी पर केस दर्ज होना चाहिए.' मसीह ने आम आदमी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन के 8 मतों को इनवैलिड करार दिया था, जिससे भाजपा प्रत्याशी की जीत का रास्ता खुला.


लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक वोटों की गिनती वाला वीडियो देखने के बाद CJI ने कहा,
"क्या वो (प्रिसाइडिंग ऑफिसर) इस तरह चुनाव कराते हैं? ये लोकतंत्र का मजाक है. ये लोकतंत्र की हत्या है. इस आदमी पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए."
बता दें कि 30 जनवरी को चंडीगढ़ मेयर का चुनाव हुआ था. इस चुनाव में कांग्रेस-AAP गठबंधन के पास कुल 20 वोट और भाजपा (BJP) के पास 16 वोट थे. लेकिन पीठासीन अधिकारी ने कांग्रेस-AAP गठबंधन के 8 वोटों को ‘इनवैलिड’ करार दिया था. और BJP के मनोज सोनकर (Manoj Sonkar) को विजेता घोषित किया था.

इस पर काफी हंगामा हुआ था. AAP और कांग्रेस ने चुनाव में 'धांधली' का आरोप लगाया था. एक वीडियो भी शेयर किया गया था. इसके आधार पर आरोप लगाया जा रहा था कि प्रिसाइडिंग ऑफिसर अनिल मसीह ने बैलेट पेपर से ‘छेड़छाड़’ की.

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मेयर का चुनाव हारने वाले AAP के पार्षद कुलदीप कुमार ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का रुख किया था. मांग की थी कि मेयर चुनाव के नतीजों को रद्द किया जाए. वहीं हाई कोर्ट ने 31 जनवरी को चंडीगढ़ मेयर चुनाव के नतीजे पर तुरंत रोक लगाने से इनकार कर दिया था. साथ ही, AAP पार्षद की याचिका को तीन हफ्ते बाद लिस्ट करने की बात कही थी.
कुलदीप कुमार ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. CJI डी.वाई चंद्रचूड़, जस्टिस जे.बी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा ने इस मामले की 5 फरवरी को सुनवाई की.
CJI बोले- कोर्ट अधिकारी के बर्ताव से 'हैरान'CJI ने मेयर चुनाव का वीडियो देखने के बाद कहा कि पीठासीन अधिकारी को बैलेट पेपर में बदलाव करते देखा गया. उन्होंने कहा कि कोर्ट पीठासीन अधिकारी के बर्ताव को देखकर 'हैरान' है. CJI ने आगे कहा,
“उन्हें (पीठासीन अधिकारी को) बताएं कि सुप्रीम कोर्ट उन पर नजर रख रहा है.”
AAP के कुलदीप कुमार की ओर से सीनियर एडवोकेट डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने केस की पैरवी की. सिंघवी ने पीठासीन अधिकारी पर कांग्रेस-AAP पार्षदों के 8 वोट जानबूझकर 'अवैध' करने का आरोप लगाया.
वहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क दिया कि वीडियो में केवल एक-तरफा तस्वीर दिखाई गई है. उन्होंने आग्रह किया कि कोर्ट को पूरे रिकॉर्ड देखने के बाद व्यापक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए.
कुलदीप कुमार की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 7 फरवरी को होने वाली चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक स्थगित करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि मेयर चुनाव का पूरा रिकॉर्ड जब्त कर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के पास रखा जाए. साथ ही, बैलेट और वीडियोग्राफी को सुरक्षित रखा जाए.
इस पूरे मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के रुख से भी CJI डीवाई चंद्रचूड़ नाखुश लगे. उन्होंने कहा कि इस मामले में एक अंतरिम आदेश देने की जरूरत थी, लेकिन हाई कोर्ट ऐसा करने में असफल रहा. बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक अब इस मामले में अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी. अगली सुनवाई में पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह को भी मौजूद होने का निर्देश दिया गया है.
वीडियो: सुप्रीम कोर्ट में वकील ने ऐसी बात कही CJI चंद्रचूड़ को बेसिक्स सिखाने पड़ गए!












