ब्रिटेन में रह रहे हिंदुओं के बच्चे वहां के स्कूलों में बुलिंग का शिकार हो रहे हैं (Anti-Hindu Hate in Britain Schools). एक ब्रिटिश संस्था ने अपनी स्टडी रिपोर्ट में ये जानकारी दी है. इसके मुताबिक स्कूलों में श्वेत बच्चे हिंदू समुदाय के बच्चों को डराते-धमकाते हैं, उनके धर्म को लेकर गलत टिप्पणियां करते हैं. स्टडी में कुछ घटनाओं का उदाहरण देते हुए हिंदुओं के प्रति नफरत की समस्या को हाइलाइट किया गया है. जैसे हिंदू बच्चों को परेशान करने के लिए उनसे इस्लाम अपनाने को कहना या उन पर मांसाहारी खाना फेंकना.
ब्रिटेन के स्कूलों में हिंदू बच्चों पर फेंका जाता है 'गोमांस', कौन कहता है 'इस्लाम अपना लो'?
एक स्टडी के मुताबिक ब्रिटेन में हिंदू समुदाय के बच्चों के साथ जो हो रहा है वो बेहद चिंताजनक है.


ब्रिटेन में सामाजिक मुद्दों से जुड़े अध्ययन करने वाली हेनरी जैक्सन सोसायटी ने बुधवार, 19 अप्रैल को ये रिपोर्ट जारी की. इसमें ब्रिटेन के स्कूलों में हिंदू छात्रों के खिलाफ भेदभाव और बुलिंग की समस्या को लेकर कई खुलासे किए गए हैं. रिपोर्ट में हिंदू छात्रों और उनके परिवारों के सामने आने वाली चुनौतियों का भी जिक्र है. इसे ब्रिटेन में हिंदू-विरोधी नफरत की जांच करने वाली पहली स्टडी बताया जा रहा है. इसका मकसद है स्कूलों में हिंदू छात्रों के अनुभव के बारे में जागरूकता फैलाना. रिपोर्ट देश के 1000 स्कूलों से मांगी गई जानकारी और उनमें पढ़ रहे बच्चों के माता-पिता से की गई बातचीत पर आधारित है.
रिपोर्ट क्या कहती है?- सर्वे में शामिल 51 पर्सेंट माता-पिता ने बताया कि उनके बच्चों ने स्कूल में हिंदू-विरोधी नफरत का अनुभव किया है. चिंता की बात ये कि पिछले पांच सालों में ऐसी घटनाओं की रिपोर्टिंग ना के बराबर है. एक फीसदी से भी कम मामलों में किसी बच्चे या पेरेंट्स ने बुलिंग की जानकारी दी या उसकी रिपोर्ट दर्ज करवाई.
- सर्वे में शामिल 19 पर्सेंट माता-पिता का मानना है कि स्कूल हिंदू-विरोधी नफरत की पहचान कर सकते हैं. वहीं केवल 15 पर्सेंट ने माना कि स्कूल इस तरह की घटनाओं पर ध्यान देते हैं.
- स्कूलों में हिंदू धर्म (Hinduism) पर पढ़ाई हिंदुओं के प्रति धार्मिक भेदभाव को बढ़ावा दे सकती है. वहां जाति और कुछ विवादित रिवाजों के बारे में भी पढ़ाया जाता है, जैसे सती प्रथा. रिपोर्ट में एक जगह लिखा है,
“एक टीचर ने क्लास को बताया कि 'सती प्रथा' हिंदुत्व का हिस्सा थी जिससे हिंदू बच्चा अलग-थलग पड़ गया. एक टीचर ने क्लास को बताया कि हिटलर हिंदू जाति व्यवस्था से प्रेरित था.”
- सर्वे में शामिल 254 माता-पिता ने स्कूलों में हो रही इन घटनाओं के बारे में डिटेल में बताया. एक के मुताबिक,
“मेरा बच्चा माथे पर धार्मिक चिह्न के साथ स्कूल गया. उसे इस बात पर इतना धमकाया गया कि उसने स्कूल जाने से इनकार कर दिया. पिछले कुछ सालों में हमें पूर्वी लंदन में तीन बार उसका स्कूल बदलना पड़ा.”
एक अन्य पेरेंट ने बताया,
“मेरी बेटी को स्कूल में धमकाया गया और उस पर गोमांस फेंका गया क्योंकि वो एक हिंदू है.”
- हिंदू स्टूडेंट्स को बुली करने के लिए नफरत भरे कॉमेंट्स किए गए. जैसे- ‘हिंदू शाकाहारी फूड चेन में सबसे नीचे हैं’, ‘जाकिर नाइक के वीडियो देखो और धर्मांतरण करो’, ‘हिंदू धर्म का कोई मतलब नहीं’, ‘जीजस आपके देवताओं को नरक में भेजेंगे’.
- एक और पेरेंट ने बताया,
“बाकी बच्चों ने मेरी बेटी को ये कहकर धमकाया कि 'तुम लोग हमारी मस्जिद क्यों तोड़ते हो, तुम लोग हम पर हमला क्यों करते हो?' इसलिए हमने उसका स्कूल बदल दिया.”
- रिपोर्ट के मुताबिक कुछ बच्चों को खास तौर पर भारत में पीएम मोदी की सरकार आने और आर्टिकल 370 को रद्द किए जाने के बाद धमकाया गया.
- स्टडी के दौरान कुछ मामले शारीरिक शोषण के भी मिले. इससे पीड़ित कम से कम तीन बच्चों ने डर से स्कूल जाने से इनकार कर दिया और उन्हें दूसरे स्कूल में एडमिशन दिलाया गया.
रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूलों में इस तरह की घटनाएं बढ़ी हैं और उनकी रिपोर्टिंग ना होना चिंता की बात है. स्टडी में नए रिपोर्टिंग मानकों की मांग की गई है. ऐसे मानक जो बुली की घटनाओं को कवर करें और स्कूलों में हिंदू विरोधी नफरत को पहचानने और रोकने में मदद करें. कहा गया कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो केवल हिंदू समुदाय नहीं, बल्कि सभी अल्पसंख्यक समुदायों के लिए एक सुरक्षित और समानता पर आधारित समाज बनाना मुश्किल हो जाएगा.
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