मैं मानता हूं कि हमारे लोकतंत्र की ताक़त, इक्कीसवीं सदी की ताक़त माताएं बहनें बनने वाली हैं. हम तय करें कि हमारे पोलिंग बूथ में अगर 100 वोट पुरुष के पड़ते हैं तो 105 वोट महिलाओं के पड़ें. ये करेंगे क्या ?अब समझिए कि भाजपा के इस ट्वीट पर लोग ट्रोल क्यों करने लगे. असल में मोदी ने जो कहा और जो ट्वीट हुआ, उसमें फ़र्क है. और फर्क ज़्यादा बड़ा नहीं, रत्ती भर का है. बात को ट्वीट में बदलने के दौरान आईटी सेल वालों से एक शब्द छिटक कर गिर गया. और वो शब्द क्या था ? शब्द था 'पुरुष'. अब दोबारा ऊपर वो ट्वीट पढ़िए और मोदी ने जो कहा वो भी पढ़िए. मोदी के कहने का मतलब था कि अगर 100 पुरुष वोट डालें तो उनके मुक़ाबले 105 महिलाएं वोट करें. यानी की महिला मतदान में 5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी. लेकिन ट्वीट से जैसे ही पुरुष शब्द ग़ायब हुआ, वैसे ही उसका मतलब पूरी तरह बदल गया. अब बात पोलिंग बूथ पर महिलाओं के वोट में 5 प्रतिशत की वृद्धि की ना होकर, कुल वोटों में 5 प्रतिशत बढ़ोत्तरी की लग रही है. और इतना तो सत्य है कि ट्विटर पर सब मिलता है, माफ़ी नहीं मिलती. ट्रोलर्स को दिन का मसाला मिला और सबकी अपनी खिचड़ी पकनी शुरू हो गई. आइए इसी फ़ुर्सत में लोगों ने भाजपा की जो मौज ली उसके नमूने दिखा दें- भाई साहब तो तुरंत चॉक डस्टर लेकर दौड़े गणित सिखाने -
राहुल गांधी के रावलपिंडी से नामांकन और कन्हैया कुमार पर गिरिराज सिंह के जवाब












