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मोदी की कही बात से बीजेपी ने एक शब्द गायब कर दिया और लोग फट पड़े

लोग पूछने लगे कि जब कुल 100 वोट पड़ेंगे तो माताएं-बहनें 105 वोट कहां से डालेंगी.

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पीएम मोदी ने वाराणसी में एक रौली को संबोधित किया. उनके भाषण की जानकारी देते समय बीजेपी ट्विटर हैंडल ने एक गलती कर दी और ट्रोल हो गए.
भाजपा आईटी सेल एक बार फिर गच्चा खा गया है. एक ज़रा सी ग़लती और हो गए ट्रोल. और वो ज़रा सी ग़लती है क्या? ये जानने से पहले देख लीजिए वो ओरिजिनल ट्वीट, जो भाजपा के वैरिफ़ाइड ट्विटर अकाउंट से हुआ- ट्वीट में दो बातें हैं, जो प्रधानमंत्री मोदी ने बनारस की रैली में कही थीं. फ़िलहाल दूसरे पॉइंट की बात हम नहीं करेंगे. क्योंकि मसाला सारा पहले पॉइंट में ही है. ट्वीट पढ़ कर आप भी शायद यही सोच रहे होंगे कि, मोदी जी पोलिंग बूथ पर पड़ने वाले 100 वोटों में से 105 वोट महिलाओं के होने की बात कर रहे हैं. यहीं सारा मामला गड़बड़ा गया है. असल में  इस रैली में वोटरों को समझाने के क्रम में मोदी जी ने एक बात कही. आप पहले जैसी की तैसी पढ़ लीजिए. मोदी ने कहा कि -
मैं मानता हूं कि हमारे लोकतंत्र की ताक़त, इक्कीसवीं सदी की ताक़त माताएं बहनें बनने वाली हैं. हम तय करें कि हमारे पोलिंग बूथ में अगर 100 वोट पुरुष के पड़ते हैं तो 105 वोट महिलाओं के पड़ें. ये करेंगे क्या ?
अब समझिए कि भाजपा के इस ट्वीट पर लोग ट्रोल क्यों करने लगे. असल में मोदी ने जो कहा और जो ट्वीट हुआ, उसमें फ़र्क है. और  फर्क ज़्यादा बड़ा नहीं, रत्ती भर का है. बात को ट्वीट में बदलने के दौरान आईटी सेल वालों से एक शब्द छिटक कर गिर गया. और वो शब्द क्या था ? शब्द था 'पुरुष'. अब दोबारा ऊपर वो ट्वीट पढ़िए और मोदी ने जो कहा वो भी पढ़िए. मोदी के कहने का मतलब था कि अगर 100 पुरुष वोट डालें तो उनके मुक़ाबले 105 महिलाएं वोट करें. यानी की महिला मतदान में 5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी. लेकिन ट्वीट से जैसे ही पुरुष शब्द ग़ायब हुआ, वैसे ही उसका मतलब पूरी तरह बदल गया. अब बात पोलिंग बूथ पर महिलाओं के वोट में 5 प्रतिशत की वृद्धि की ना होकर, कुल वोटों में 5 प्रतिशत बढ़ोत्तरी की लग रही है. और इतना तो सत्य है कि ट्विटर पर सब मिलता है, माफ़ी नहीं मिलती. ट्रोलर्स को दिन का मसाला मिला और सबकी अपनी खिचड़ी पकनी शुरू हो गई. आइए इसी फ़ुर्सत में लोगों ने भाजपा की जो मौज ली उसके नमूने दिखा दें- भाई साहब तो तुरंत चॉक डस्टर लेकर दौड़े गणित सिखाने -   और सबसे ज़्यादा भिगाकर तो इस अकाउंट ने दिया है, नीरव और पीएनबी का मिक्स शॉट -   इनका ये ऐंगल भी मज़ेदार है -   इन्होंने मोदी के साथ साथ साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को भी लपेटा है - बहरहाल वोट प्रतिशत में महिलाओं की भागीदारी बढ़नी चाहिए. ये बात प्रधानमंत्री मोदी ने ठीक कही. बीजेपी का ट्विटर अकाउंट संभालने वाले को भी थोड़ा और ज़िम्मेदार होना चाहिए. बात की बात में बात बिगड़ जाती है. अथ श्री ट्वीट कथा. 
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