गौरव भाटिया ने इसके बाद एक और ट्वीट कर खुद को बेचारा साबित करने की कोशिश की. वैसे एक हाथ से ताली नहीं बजती. 17 सेकंड की एक क्लिप देखकर तय नहीं किया जा सकता कि शुरुआत किसने की लेकिन जो भी मौजूद है उसमें दोनों एक बराबर इंटेंसिटी से लड़ रहे हैं. अगर जजमेंटल न हों तब भी गौरव भाटिया का मंच पर ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है. बैकग्राउंडर के तौर पर ये जान लेना भी ज़रूरी है कि भाजपा में आने से पहले वो समाजवादी पार्टी में थे. और एक कांग्रेस प्रवक्ता से मंच पर तू तड़ाक कर बात चुके हैं. उन्होंने कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक के साथ मंच साझा करते वक़्त 'राहुल गांधी चपरासी है' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था. हालांकि रागिनी नायक भी कम नहीं थी उन्होंने भी 'तेरा बाप चपरासी है कहकर' कीचड़ में पत्थर दे मारा था .
चलती डिबेट में BJP और SP के प्रवक्ता तू-तड़ाक से बढ़कर हाथापाई पर उतर आए
ये पार्टी प्रवक्ता हैं या गुंडे?
Advertisement

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया और बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया के बीच हाथापाई हो गई.
आजकल न्यूज़ देखना भी जोखिम का काम है. कब किस पार्टी का प्रवक्ता डिबेट को अखाड़ा समझ ले इसका भरोसा नहीं है. तू-तड़ाक, गाली-गलौच, हाथापाई से गुलज़ार रहते हैं न्यूज़ शोज़. पहले आप ये वीडियो दखिए. बाकी आगे बात करते हैं.
ये वीडियो एक न्यूज़ चैनल पर चल रही डिबेट के दौरान का है. जो दो लोग लड़ रहे हैं उनमें से एक हैं समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया और जो बेचारगी से ट्वीट कर खुद को निर्दोष सिद्ध करने की कोशिश कर रहे हैं वो हैं एक्स समाजवादी और वर्तमान भाजपाई गौरव भाटिया. गौरव का आरोप है कि अनुराग ने उनपर व्यक्तिगत टिप्पणी की और अपशब्द कहे. उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की जो अनुराग को पकड़कर थाने ले गई. अनुराग के पीछे-पीछे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पहुंच गए और थाने के सामने ही नारेबाजी करने लगे. अनुराग भदौरिया का भी वही आरोप है जो गौरव भाटिया का है. अनुराग ने कहा कि गौरव जब मुझे पीटने भागे तो मैंने दोनों हाथों से रोक लिया. इस स्टेटमेंट की सच्चाई क्या है ये उस वीडियो क्लिप में ही देखा जा सकता है. आप भी फिर से देख सकते है.
गौरव भाटिया ने इसके बाद एक और ट्वीट कर खुद को बेचारा साबित करने की कोशिश की. वैसे एक हाथ से ताली नहीं बजती. 17 सेकंड की एक क्लिप देखकर तय नहीं किया जा सकता कि शुरुआत किसने की लेकिन जो भी मौजूद है उसमें दोनों एक बराबर इंटेंसिटी से लड़ रहे हैं. अगर जजमेंटल न हों तब भी गौरव भाटिया का मंच पर ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है. बैकग्राउंडर के तौर पर ये जान लेना भी ज़रूरी है कि भाजपा में आने से पहले वो समाजवादी पार्टी में थे. और एक कांग्रेस प्रवक्ता से मंच पर तू तड़ाक कर बात चुके हैं. उन्होंने कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक के साथ मंच साझा करते वक़्त 'राहुल गांधी चपरासी है' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था. हालांकि रागिनी नायक भी कम नहीं थी उन्होंने भी 'तेरा बाप चपरासी है कहकर' कीचड़ में पत्थर दे मारा था .
एक सवाल ये भी कि चपरासी को ये लोग गाली क्यों समझते हैं? क्या चपरासी होना बुरी बात है? जब चौकीदार गाली नहीं है तो चपरासी कैसे हो सकती है? और क्या किसी की इज्जत सिर्फ पद देखकर करेंगे ये लोग? प्रवक्ताओं की यही मानसिकता देखने वालों के दिमाग में कचरा भर रही है. ये डिबेट्स होती हैं या अखाड़े समझ से बाहर है. शायद ये प्रवक्ता सोचते होंगे कि ज्यादा चीखेंगे, चिल्लाएंगे तो शायद प्राइम टाइम डिबेट में जाने का मौका देगी पार्टी. फिर इनकी बकवास ज्यादा लोग सुन पाएंगे. और ऐसा नहीं कि सिर्फ एक दो लोग ही ऐसे हैं. कुछ अपवादों के साथ लगभग सभी ऐसे हैं. इनका वैचारिक स्तर पाताल जितना नीचे है और अहंकार आसमान जितना ऊंचा. और अब तो लोग भी शायद एंटरटेनमेंट के लिए ही डिबेट्स हैं. जहां 5 मिनट लगातार काम की बात होती रहे वहां मन नहीं लगता. मसाला चाहिए. जो वायरल हो सके. अगर लोगों को ऐसा चाहिए तो सप्लायर का तो बिज़नस ही यही है. वो मार्केट से बेस्ट टैलेंट आपके सामने पेश करते हैं. जो खुद तो लड़ते हैं लोगों को भी लड़ाते हैं. जी, कहके लड़ाते हैं. यकीन ना हो तो ये वीडियो देख लीजिए. अगर जल्दी में हैं तो वीडियो 2.40 से प्ले करें.
गौरव भाटिया ने इसके बाद एक और ट्वीट कर खुद को बेचारा साबित करने की कोशिश की. वैसे एक हाथ से ताली नहीं बजती. 17 सेकंड की एक क्लिप देखकर तय नहीं किया जा सकता कि शुरुआत किसने की लेकिन जो भी मौजूद है उसमें दोनों एक बराबर इंटेंसिटी से लड़ रहे हैं. अगर जजमेंटल न हों तब भी गौरव भाटिया का मंच पर ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है. बैकग्राउंडर के तौर पर ये जान लेना भी ज़रूरी है कि भाजपा में आने से पहले वो समाजवादी पार्टी में थे. और एक कांग्रेस प्रवक्ता से मंच पर तू तड़ाक कर बात चुके हैं. उन्होंने कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक के साथ मंच साझा करते वक़्त 'राहुल गांधी चपरासी है' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था. हालांकि रागिनी नायक भी कम नहीं थी उन्होंने भी 'तेरा बाप चपरासी है कहकर' कीचड़ में पत्थर दे मारा था .
Add Lallantop as a Trusted Source

Advertisement
Advertisement
Advertisement



















