माने विधानसभा की बिल्डिंग और फेंगशुई माने उसके वास्तुदोष पर इल्जाम लगाए हैं. उसके पीछे लॉजिक भी है न. 14वीं विधानसभा सन 2013 से चली. जब शिवराज चौहान तीसरी बार सीएम बनकर आए. तब से 6 विधायक मर चुके हैं. प्रभात पांडे, राजेश यादव, सज्जन सिंह, तुकोजीराव पवार, राजेंद्र सिंह दादू और अब सत्यदेव कटारे. सन 96 में इस बिल्डिंग में विधानसभा लगनी शुरू हुई. तब से इन 6 के अलावा 23 विधायक मर चुके हैं. है न सीरियस बात. इसके पहले मिंटो हॉल में विधानसभा लगती था. ये बिल्डिंग आर्किटेक्ट चार्ल्स कोरिया ने डिजाइन किया था.ये तो हुई खबर. अब इस बुद्धिदोष के बारे में बात हो जाए, जो वास्तुदोष के ऊपर दोष मढ़ रहा है इन मौतों का. एक तरफ पीएम नरेंद्र मोदी डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया और टापम टाप टेक्नॉलजी की बात करते जा रहे हैं. सारा युद्ध तकनीक के सहारे लड़ा जा रहा है. फेसबुक और ट्विटर पर. और उसी ट्विटर पर उनकी ही पार्टी के नेता ढपोरशंखी अंधविश्वास वाली बातें पोस्ट कर रहे हैं. विडंबना कहां मुंह छिपाए, कुएं में ही भांग पड़ी है.
मौतों को वास्तुदोष बताना बुद्धिदोष है नेताजी
कैलाश विजयवर्गीय पहले नहीं हैं. नेताओं में अंधविश्वास आम है.
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फोटो - thelallantop
गुरुवार के दिन मध्य प्रदेश में एक गमी हो गई. विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे गुजर गए. तो बीजेपी के नेशनल चीफ सेक्रेटरी और मध्य प्रदेश के बड़े नेता कैलाश विजयवर्गीय ने ये तस्वीर ट्वीट की है, जो सबसे ऊपर दिख आए हो.
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