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इन 4 सड़कों के सहारे बीजेपी जीतेगी यूपी का चुनाव!

उत्तर प्रदेश के कई शहरों को जोड़े जाने का प्लान है.

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फोटो - thelallantop
उत्तर प्रदेश के लिए बीजेपी ने बड़ा दिमाग लगाया है. यूपी के कई शहरों को जोड़कर 'रामायण सर्किट' बनाने का प्लान है. ये एक अच्छी पहल है. राज्य में टूरिज्म का विकास होगा. अगले फेज में कृष्णा सर्किट और बुद्धा सर्किट बनाने का भी प्लान है. पर चुनाव से जोड़कर भी इसे देखा जा सकता है कि दिमाग इसके चलते भी काम कर रहा है.

बीजेपी ने 'विकास' को राम से कैसे जोड़ा है?

बिहार में बुरी गत होने के बाद अमित शाह अब बीजेपी को यूपी में हारते नहीं देखना चाहते. संभल-संभल के काम किया जा रहा है. केंद्र सरकार ने तीर्थ-स्थलों को जोड़ने के लिए 'रामायण सर्किट' बनाने का फैसला लिया है. इसमें दो रोड बनाये जायेंगे. राम वन गमन मार्ग और राम जानकी मार्ग.

राम वन गमन मार्ग

यह मार्ग अयोध्या को चित्रकूट से जोड़ेगा. 262 किलोमीटर लंबे इस रास्ते में फ़ैज़ाबाद, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, श्रृंगवेरपुर, कौशाम्बी पड़ेंगे.

राम जानकी मार्ग

यह मार्ग राम के शहर अयोध्या को नेपाल में सीता के शहर जनकपुर से जोड़ेगा. उत्तर प्रदेश में इस मार्ग का 218 किलोमीटर हिस्सा पड़ेगा. इस मार्ग पर यूपी में बस्ती, गोरखपुर, देवरिया और बिहार में सीवान, चकिया, मधुबनी और सीतामढ़ी आएंगे.
उत्तर प्रदेश मैप
उत्तर प्रदेश मैप
प्लान में उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार के सीतामढ़ी, बक्सर और दरभंगा, तेलंगाना के भद्राचलम, छत्तीसगढ़ के जगदलपुर, और कर्नाटक के हम्पी को जोड़ा जाना है. फिर ये तमिलनाडु और श्रीलंका तक भी बढ़ाया जायेगा.
कृष्णा सर्किट में गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और ओडिशा के शहरों को जोड़ा जाना है.
ये सारे प्रोग्राम पर्यटन मंत्रालय के अंतर्गत स्वदेश दर्शन स्कीम में आते हैं. ये स्कीम 2014 में लॉन्च हुई थी. अब चुनाव के वक़्त काम शुरू करने का इरादा है. अगर पूरी स्कीम को देखें तो इसमें 13 सर्किट हैं: बुद्धिस्ट सर्किट, नॉर्थ-ईस्ट इंडिया सर्किट, कोस्टल सर्किट, हिमालयन सर्किट, कृष्णा सर्किट, डेजर्ट सर्किट, इको सर्किट, वाइल्डलाइफ सर्किट, ट्राइबल सर्किट, रूरल सर्किट, स्पिरिचुअल सर्किट, रामायण सर्किट और हेरिटेज सर्किट.

राहुल गांधी अभी तो रोड बनवा नहीं सकते, पर कर क्या रहे हैं?

पक्षी बताते हैं कि बीजेपी उत्तर प्रदेश में राम को नहीं छोड़ना चाहती. जनता में बढ़िया वोट बैंक बनेगा. ऐसा लगता है कि उनका अनुमान सही निकल रहा है. जनता राम के नाम से प्रभावित है. तभी तो कांग्रेस भी यही मान रही है कि राहुल गांधी के अयोध्या में रुकने से जनता में अच्छा सन्देश जायेगा. हालांकि अभी कांग्रेस के पक्षी खुल के नहीं बोल रहे हैं. कह रहे हैं कि रस्ते में पड़ता है, तो जाना ही पड़ेगा. राहुल गांधी की रैली 6 सितम्बर को देवरिया के रुद्रपुर से शुरू होगी और यूपी के कुल 39 जिलों से गुजरेगी. 2500 किलोमीटर की इस यात्रा में यूपी के 55 लोकसभा क्षेत्र और 223 विधानसभा क्षेत्र कवर होंगे. इस रूट को प्रशांत किशोर ने तैयार किया है.

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