The Lallantop

बिहार सरकार ने पूरे राज्य में बिना रजिस्ट्रेशन वाले मंदिरों को लेकर बड़ा फैसला किया

Bihar Government ने प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों को मंदिरों-मठों के रजिस्ट्रेशन करवाने के निर्देश जारी किए हैं. इसके साथ ही उनकी अचल संपत्तियों का ब्योरा बीएसबीआरटी को उपलब्ध करवाने को कहा गया है.

Advertisement
post-main-image
नितीश सरकार का बिहार में मंदिरों, मठों पर बड़ा फैसला (फोटो - पीटीआई )

बिहार में सभी मंदिरों, मठों और ट्रस्टों की अचल संपत्ति पर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है.  नीतीश कुमार सरकार ने बिहार के सभी जिलों के डीएम को निर्देश दिया है कि उनके जिलों में रजिस्ट्रेशन के बगैर संचालित हो रहे मंदिरों और मठों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य तौर पर हो. उनकी अचल संपत्ति का पूरा ब्योरा बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड (BSBRT) के पास मौजूद रहे. इन मठों और मंदिरों का ब्योरा उनकी संपत्ति विवरण के साथ बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड किए जाने के निर्देश दिए गए हैं.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

BSBRT राज्य सरकार के विधि विभाग के अंतर्गत आता है. आजतक से जुड़े शशि भूषण कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, विभागीय मंत्री नितिन नवीन के मुताबिक विधि विभाग ने बीते महीने ही इस संबंध में सभी जिलों के डीएम को लेटर जारी कर दिया था. पूरे मामले पर मंत्री नितिन नवीन ने बताया, 

‘सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सुनिश्चित करें कि सभी अपंजीकृत मंदिरों, मठों और ट्रस्ट का प्राथमिकता के आधार पर पंजीकरण किया जाए. इसके साथ ही जिन मंदिरों और मठों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है उनसे संबंधित अचल संपत्तियों का विवरण भी तुरंत BSBRT को उपलब्ध कराया जाए ताकि इसे उसकी वेबसाइट पर अपलोड किया जा सके.’

Advertisement

कानून मंत्री नितिन नवीन ने बताया कि अभी तक केवल 18 जिलों ने ही BSBRT को आंकड़ा उपलब्ध कराया है. मंत्री नितिन नवीन ने इस मामले पर आगे जानकारी दी, 

‘वह अन्य विभागों के साथ इसी महीने के आखिर में एक बैठक भी करने वाले हैं. इस बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे. उनका मकसद है कि जो कानून राज्य में लागू है उसके तहत नियमों का पालन सभी मंदिर और मठ करें.’

रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार हिंदू धार्मिक ट्रस्ट अधिनियम, 1950 के मुताबिक बिहार में सभी सार्वजनिक मंदिरों, मठों, ट्रस्ट और धर्मशालाओं को BSBRT के तहत रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है. राज्य सरकार का मकसद है की रजिस्टर्ड मंदिरों, मठों और ट्रस्ट की संपत्तियों की जानकारी सार्वजनिक रहे ताकि गलत तरीके से इसकी बिक्री या खरीद करने वालों पर एक्शन लिया जा सके.

Advertisement

BSBRT को 35 जिलों से मिले ताजा डेटा के अनुसार, राज्य में  करीब 2,512 अपंजीकृत मंदिर या मठ हैं और उनके पास 4321.64 एकड़ भूमि है. वहीं, राज्य में पंजीकृत मंदिरों की कुल संख्या करीब 2,499 है और उनके पास 18,456 एकड़ से अधिक भूमि है. आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा अपंजीकृत मंदिर/मठ वैशाली (438), कैमूर (307), पश्चिमी चंपारण (273), भागलपुर (191), बेगूसराय (185), सारण (154), गया (152) जैसे जिलों में हैं.

वीडियो: Waqf Bill 2024 Amit Shah की किस बात पर Owaisi भड़के?

Advertisement