पिता का बदला लेना चाहती है शहीद की बेटी
फोन पर बाप ने बेटी से कहा था मुझे कुछ हो जाए तो हिम्मत न हारना. हौसला रखना.
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शहीद जितेंद्र कुमार सिंह और उनकी फैमिली की एक तस्वीर.
दिवाली पर लोग खुशियां मनाने की तैयारी कर रहे हैं. मगर बॉर्डर पर जवान गोलियों का सामना कर रहे हैं. उनके घरवाले फिक्रमंद हैं. बॉर्डर पर लगातार सीज फायर को तोड़ा जा रहा है. बिहार के रक्सौल जिले के रहने वाले BSF जवान जितेंद्र कुमार सिंह के घर खबर आती है. अब वो इस दुनिया में नहीं रहे. त्योहार के मौके पर परिवार पर ग़मों का पहाड़ टूट पड़ा. जवान की शहादत से घर में मातम है. बेटियों का रो रोकर बुरा हाल है. शहीद की बड़ी बेटी रोते हुए कहती है कि पापा ने कहा था अगर मुझे कुछ हो जाए. तो हिम्मत न हारना. अब मैं भी आर्मी ज्वाइन करूंगी और दुश्मनों से बदला लूंगी. जितेंद्र कुमार गुरुवार को बॉर्डर पर पाकिस्तान की तरफ से हुई फायरिंग में शहीद हो गए. वह जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा सेक्टर में BSF के हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे. जितेंद्र रक्सौल के सिसवा गांव के कचहरी टोला के लक्ष्मी सिंह के दूसरे बेटे थे. जितेंद्र सिंह की 1993 में बीएसएफ में नौकरी लगी थी. उनके तीन बच्चे हैं. बड़ी बेटी अर्चना 15 साल की, दूसरी बेटी प्रीति 13 साल की और बेटा रोहित 10 साल का है. पिता की कही बातों को याद करके जितेंद्र कुमार की बेटी अर्चना कहती है कि उन्होंने हमेशा उसे मजबूत बनने की सलाह दी थी. अर्चना ने बताया, 'एक हफ्ते पहले मेरी उनसे फोन पर बात हुई थी. उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें कुछ हो जाए तो हौसला मत खोना और मजबूत बनी रहना.' https://twitter.com/ANI_news/status/791616933653164032?ref_src=twsrc%5Etfw
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