खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को पंजाब पुलिस ने 23 अप्रैल को मोगा के रोडे गांव से गिरफ्तार कर लिया. अमृतपाल सिंह 18 मार्च से फरार चल रहा था. अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार और जरनैल सिंह भिंडरावाले के भतीजे जसबीर सिंह रोडे का कहना है कि अमृतपाल ने अपनी मर्जी से गिरफ्तारी दी है. वहीं पंजाब पुलिस ने अमृतपाल के सरेंडर की बात नहीं कही है.
अमृतपाल की गिरफ्तारी पर भिंडरावाले के भतीजे ने कहा- 'असलियत ये है कि...'
अमृतपाल को असम की डिब्रूगढ़ जेल भेज दिया गया है.


आजतक के सतेंदर चौहान की रिपोर्ट के मुताबिक 'वारिस पंजाब दे' का मुखिया अमृतपाल 22 अप्रैल की रात रोडे गांव पहुंच गया था. अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार जसबीर सिंह का दावा है कि अमृतपाल के बारे में पुलिस को 22 अप्रैल की रात ही सूचना दे दी गई थी. जसबीर सिंह के मुताबिक रोडेवाला गुरुद्वारे में प्रवचन देने के बाद अमृतपाल सिंह ने सरेंडर कर दिया.
अमृतपाल ने अपनी मर्जी से गिरफ्तारी दी?जसबीर सिंह रोडे ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में बताया,
पंजाब पुलिस ने क्या बताया?देर रात वो रोडे गांव आए. मैं उनसे पहले मिला सारी बातचीत की. उन्होंने खुद ही बताया कि मैं गुरुद्वारे में मत्था टेकने के बाद संगत को संबोधित करूंगा, खुद ही अपने हालात बयान कर दूंगा कि मैं अपनी मर्जी से गिरफ्तारी दे रहा हूं. अभी तक गिरफ्तारी ना देने के पीछे क्या कारण थे. उन्होंने गुरुद्वारे में मत्था टेका. गुरबाणी के पाठ किए. उससे पहले अपनी किट तैयार की. कपड़े पहने. पगड़ी बांधी. दो कंघे रखे. चप्पलें पहनी. ये सब तैयारी करके गुरुद्वारे गए. फिर उन्होंने मत्था टेकने के बाद संगत को संबोधित किया और बताया कि क्या कारण थे जिनकी वजह से गिरफ्तारी देने में उन्हें लेट हुआ.
साथ ही उन्होंने संगत का धन्यवाद किया जिन्होंने अभी तक उनको संभाला, उनके लिए प्रार्थना की. सारी संगत का धन्यवाद करने के बाद उन्होंने गुरुद्वारे से बाहर जा कर अपनी गिरफ्तारी दी, जिसकी तस्वीरें भी हैं. कुछ फेक चैनल बड़ा शोर मचा रहे हैं उनको ऐसे दबोच लिया गया, मजबूर कर दिया गया. ऐसी कोई बात नहीं थी. उन्होंने अपनी मर्जी से गिरफ्तारी दी है. अगर उनको पहले ही पकड़ लिया होता तो क्या पुलिस उनको गुरुद्वारे में आ कर संगत को संबोधन करने देती. पुलिस को अपना वर्जन रखना है कि उसने अमृतपाल को गिरफ्तार कर लिया. असलियत ये है कि उसने (अमृतपाल) अपनी मर्जी से गिरफ्तारी दी है.
पंजाब पुलिस के IG (मुख्यालय) सुखचैन सिंह गिल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस ने पिछले 35 दिनों से मामले में प्रेशर बना रखा था. इनपुट के आधार पर उसे रोडे गांव में लोकेट किया गया था. उसकी गिरफ्तारी अमृतसर पुलिस और इंटेलीजेंस विंग के जॉइंट ऑपरेशन के तहत हुई है.
IG सुखचैन सिंह ने मीडिया को बताया कि अमृतपाल सिंह के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत वारंट जारी हुआ था, जिसे आज लागू कर दिया गया. उन्होंने कहा कि सुबह पुलिस ने रोडे गांव को पूरी तरह से घेर लिया था. जानकारी थी कि अमृतपाल गुरुद्वारा साहिब के भीतर था. सुखचैन सिंह ने बताया,
"गुरुद्वारा साहिब का सम्मान सबसे ऊपर है इसलिए मर्यादा का ध्यान रखते हुए पुलिस गुरुद्वारा साहिब के अंदर नहीं गई. अमृतपाल को संदेश भेजा गया कि वो घिरा हुआ है. और उसके पास बचने का कोई रास्ता नहीं है. उसे NSA के तहत डिब्रूगढ़ ले जाया गया."
IG ने बताया कि पंजाब के तमाम विभाग और इंटेलिजेंस विंग एक-दूसरे की मदद से काम कर रहे थे. उन्होंने कहा कि अमृतपाल के खिलाफ आगे की कार्रवाई कानून के तहत की जाएगी.
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