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100 साल बाद बरमू़डा ट्राएंगल का राज खुल गया

पढ़िये क्यों गायब होते थे जहाज.

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फोटो - thelallantop
बरमूडा ट्रांएगल. अटलांटिक महासागर में बैठी दुनिया की वो जगह जिसके पानी से तो क्या, ऊपर से भी कोई पार नहीं कर सकता. 5 लाख स्क्वायर किलोमीटर के इस एरिया के से पार होने में 75 प्लेन और सैकड़ों जहाज गायब हो गये. 1000 लोग मर चुके हैं इस एरिया में. पर ये नहीं पता चल पाया कि कैसे हुआ ये. किसी ने कहा कि उस जगह पर एलियन रहते हैं. उनको बुरा लगता है कि कोई उन्हें डिस्टर्ब करे. कोई कहता कि पानी के नीचे एक पुराने साम्राज्य के अवशेष हैं. किसी को लगता कि वहां पर भूत-प्रेत रहते हैं. कोई बहुत सीरियस हो जाता तो कहता कि यहां पर धरती का गुरुत्वाकर्षण बहुत ज्यादा है. एकदम चुंबक की तरह खींच लेता है. किसी भी बात में कोई दम नहीं था. जिसकी जैसी श्रद्धा, वैसी थ्योरी. अपने दिमाग से, अवचेतन मन से लोग एक्सप्लेन कर देते. पर डर सबको लगता था. कभी-कभी लगता कि वैज्ञानिक भी आहे पर तीर चला रहे हैं. कोई सीरियस नहीं है. पर अब वैज्ञानिकों ने इसकी एक थ्योरी दी है जिस पर भरोसा किया जा सकता है. डेली मेल में ये रिपोर्ट आई है. इसके मुताबिक बरमूडा ट्राएंगल के ऊपर मौसम का प्रभाव कुछ अलग ही रहता है. यहां पर हेक्सागनल बादल बनते हैं. मतलब 20 पैसे के सिक्के की तरह. इन बादलों में हवा बहती है. 270 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से. इन बादलों से छोटे-छोटे एयर बम टूट के निकलते हैं. सीधा आ के समुद्र पर हिट करते हैं. कभी-कभी कई एक साथ आ जाते हैं. तो इनके बीच में जो भी आता है, निपट जाता है. और इस रफ्तार पर तो जहाज और प्लेन दम तोड़ ही देंगे. इससे पहले भी थ्योरी थी कि समुद्र के नीचे एक गड्ढा है जिसमें से भाप निकलती है और सब कुछ खींच लेती है. पर ये छठी क्लास में पढ़ने वाले भाई-बहन चुन्नू और मुन्नी भी डिस्कस कर लेते हैं. इस थ्योरी पर ज्यादा जोर दिये तो भाई-बहन का मन बढ़ जायेगा.
 

ये शैतानी समुद्र पचासों जहाजों को खा गया था, पर एक दिन...

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