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ब्लास्ट का कॉम्बिनेशन गड़बड़ हुआ, वरना फिर से हो सकता था पुलवामा जैसा

एक बार फिर CRPF की गाड़ी निशाने पर थी. विस्फोटक से भरी एक कार ने CRPF की बस को टक्कर मारी.

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पुलवामा अटैक के बाद सुरक्षा बलों की आवाजाही के लिए गृह मंत्रालय ने अडवाइज़री जारी की थी. मगर 30 मार्च को बनिहाल में पुलवामा हमला रिपीट होते-होते बचा. हमारी सतर्कता की वजह से नहीं, आतंकियों की प्लानिंग में हुई गड़बड़ की वजह से. ये फोटो पुलवामा अटैक के समय की है (रॉयटर्स)
30 मार्च को जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर CRPF की गाड़ी निशाने पर थी. विस्फोटक से भरी एक कार ने CRPF की बस को टक्कर मारी. कार में आग लगी. कुछ देर बाद कार में धमाका हो गया. टक्कर होने, आग लगने और ब्लास्ट होने के बीच इतना समय था कि ड्राइवर कार छोड़कर भाग निकला. पुलिस का कहना है कि आतंकियों ने पुलवामा जैसा ही अटैक करने की प्लानिंग की थी. मगर विस्फोटक में कुछ गड़बड़ी हुई और उनकी प्लानिंग के मुताबिक ब्लास्ट नहीं हो सका. वरना पुलवामा अटैक जैसा सीन होता! ये खबर इंडियन एक्सप्रेस में अरुण शर्मा और दीप्तिमान तिवारी की बायलाइन से छपी है. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 20 साल के ओवेइस अमीन को गिरफ़्तार किया है. इल्ज़ाम है कि वो कार अमीन ही चला रहा था. पुलिस को शक है कि वो हिजबुल मुजाहिदीन के लिए काम करता है. पुलिस का कहना है कि IED, जिलेटिन स्टिक और LPG सिलेंडर, इन तीनों का कॉम्बिनेशन सेट था ब्लास्ट के लिए. मगर ऐन मौके पर कुछ गड़बड़ी हुई. एक ही IED फट सका. अगर गड़बड़ी न हुई होती, तो 14 फरवरी को हुए पुलवामा अटैक जैसा हाल हो सकता था. बम फटने में हुए फेलियर की वजह से CRPF की बस के पिछले हिस्से को मामूली नुकसान पहुंचा. किसी भी जवान को कोई चोट नहीं आई. छोटा सिलेंडर फटा, बड़ा बचा रह गया पुलिस ने अमीन के पास से IED बरामद होने की भी बात कही है. पुलिस का कहना है कि ऐसा ही एक IED शनिवार के ब्लास्ट में इस्तेमाल हुआ. उसके कुछ हिस्से बरामद किए गए हैं. उनकी जांच हो रही है. अभी ये पता नहीं चल पाया है कि धमाके में इस्तेमाल IED रिमोट कंट्रोल से चलाया गया कि टाइमर लगाकर. जांच में शामिल एक अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया-
धमाके को बड़ा करने और इससे होने वाले नुकसान को बढ़ाने के लिए हमलावर ने दो LPG सिलेंडर भी रखे थी कार में. एक पांच लीटर का, दूसरा 25 लीटर का. पहला IED फटने से शायद छोटा वाला सिलेंडर फटा और आग लगी.
कश्मीर वापस लौटने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया संदिग्ध जम्मू-कश्मीर के DGP दिलबाग सिंह ने भी इस बारे में जानकारी दी. उनके मुताबिक, अमीन कश्मीर में वापस लौटने की कोशिश कर रहा था. इसी दौरान वो पुलिस के हाथ लगा. आशंका है कि अमीन हिजबुल मुजाहिदीन के लिए काम करता है. दिलबाग सिंह ने डिटेल्स बताते हुए कहा-
उसके शरीर पर जख़्म हैं. जले हुए का निशान भी है. पूछताछ में उसने बताया कि 30 मार्च को बनिहाल में जिस कार से अंदर धमाका हुआ, उसे वही चला रहा था. IED, जिलेटिन स्टिक और दो LPG सिलेंडर जोड़कर ब्लास्ट की साज़िश रची गई थी. मगर ऐन मौके पर इसके ट्रिगर मैकेनिज्म में कोई दिक्कत आ गई. इसकी वजह से एक बड़ी वारदात टल गई.
पुलवामा अटैक के बाद भी मुस्तैदी में कमी रह जा रही है! ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई कार पूरी तरह जल चुकी थी. फिर भी पुलिस ने उससे कुछ फॉरेंसिक सबूत बरामद किए. इससे पता चला कि शायद आतंकियों ने पुलवामा अटैक जैसी वारदात दोहराने की प्लानिंग की थी. पुलिस ने अमीन के पास से 50 से ज्यादा जिलेटिन स्टिक्स, यूरिया, सल्फर, आमोनियम नाइट्रेट, पेट्रोल की दो बोतलें और दो LPG सिलेंडर बरामद किए हैं. ये पूछे जाने पर कि सुरक्षा बलों की आवाजाही को लेकर गृह मंत्रालय ने जो अडवाइज़री बनाई थी, उसको फॉलो करने में चूक हुई कि नहीं. इसपर DGP का कहना था कि जितना हो सकता है, उतना अडवाइज़री पर अमल किया जा रहा है. मगर अब भी कुछ चीजें हैं, जहां ज्यादा ध्यान दिए जाने की जरूरत है. इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि अमीन दक्षिणी कश्मीर के शोपियां का रहने वाला है. 1 अप्रैल को पुलिस ने उसे बनिहाल के ही एक कोर्ट में पेश किया. अदालत ने उसे 8 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है.
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