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बागपत में धरना दे रहे किसानों के पीछे आधी रात को डंडे लेकर दौड़ी पुलिस और हाइवे खाली करा लिया

किसान ज्यादती के आरोप लगा रहे, पुलिस इनकार कर रही.

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बागपत पुलिस ने दिल्ली-सहारनपुर रोड पर चल रहे किसानों के धरने को रातोंरात खत्म करा दिया है. (फोटो-सोशल मीडिया)
दिल्ली में 26 जनवरी की हिंसा के बाद किसान कानूनों के खिलाफ आंदोलन को लेकर सख्ती दिखने लगी है. यूपी के बागपत में चल रहे विरोध प्रदर्शन को पुलिस ने बुधवार देर रात खत्म करवा दिया. धरने पर बैठे किसानों को पुलिस ने उठवाकर उनके घर भिजवा दिया. फिलहाल हाइवे पर पुलिस बल और आला अधिकारी डेरा डाले हुए हैं. दिल्ली की अराजकता के बाद एक्शन दिल्ली में ट्रैक्टर रैली के दौरान 26 जनवरी को फैली अराजकता के चलते सरकार ने एहतियातन विरोध प्रदर्शन पर एक्शन लेना शुरू कर दिया है. इस क्रम में यूपी में भी कार्रवाई की गई है. मामला बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के दिल्ली-सहारनपुर हाइवे 709 का है. यहां तकरीबन 40 दिनों से कृषि कानून के विरोध में किसान धरने पर बैठे थे. 26 जनवरी की घटना के बाद बुधवार सुबह से ही आला अधिकारियों और किसानों के बीच वार्ता चल रही थी. प्रशासन के अनुरोध के बाद भी किसानों ने धरना खत्म करने को राजी नहीं थे. इसके बाद देर रात करीब रात 11 बजे भारी पुलिस फोर्स के साथ आला अधिकारी धरना स्थल पर पहुंच गए. धरना दे रहे किसानों को हाइवे से हटा दिया. प्रशासन ने जेसीबी की मदद से हाइवे पर लगाए गए सीमेंट के बैरिकेड्स भी हटवा दिए. इससे धरना प्रदर्शन की वजह से बंद इस हाइवे पर यातयात सुचारू रूप से चलने लगा है. धरना देने वाले किसानों ने पुलिस पर ज्यादती के आरोप लगाए हैं. इसके वीडियो भी सामने आए हैं. ये वीडियो किसानों ने मोबाइल फोन से शूट किए हैं. इनमें पुलिसकर्मी धरने पर बैठे लोगों को डंडों के सहारे उठाते और उनके पीछे भागते नजर आ रहे है. पुलिस कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. हालांकि बागपत के एडीएम अमित कुमार ने किसी प्रकार का बल प्रयोग करने से इनकार किया है. अमित कुमार और एएसपी मनीष मिश्र ही किसानों से बातचीत करके धरना खत्म करने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे थे. किसानों को हटाए जाने पर एडीएम अमित कुमार का कहना है-
NHAI ने पत्र लिखकर आग्रह किया था कि (धरने की वजह से) उनके कार्य में बाधा आ रही है. काम को पूरा कराया जाए. इसके बाद हमने बहुत शांतिपूर्ण तरीके से हाइवे पर से आंदोलनकारियों को हटाया है. जब हम मौके पर पहुंचे तो सिर्फ 4-5 बुजुर्ग लोग वहां मौजूद थे. किसी को भी किसी तरह की कोई चोट नहीं लगी है.
बता दें कि हरियाणा में दिल्ली-जयपुर हाइवे पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को गांववालों ने ही अल्टिमेटम दे दिया है. बुधवार को खबर आई थी कि रेवाड़ी जिले में कम से कम 15 गांवों की महापंचायत ने राजमार्ग पर डेरा डाले बैठे किसानों से 24 घंटे के भीतर सड़क खाली करने को कहा था. इसे लेकर आंदोलनकारी किसानों और गांववालों के बीच बहस भी हुई थी. पुलिस को बीच-बचाव कर मामला सुलझाना पड़ा था.

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