उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खान. अपने बयानों के लिए बहुफ्फेम्स रहते हैं. जैसा कि फैशन चल रहा है. उनने भी सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर कुछ कहा है. कहा-कहा कि ये बड़े दुख की बात है कि देश के बड़े नेताओं और कम्युनिस्टों ने इस स्ट्राइक पर ही प्रश्नचिह्न लगा दिया है और सारे लोगों ने इसे विवादित बनाते हुए सुबूत देने की मांग की है.
सर्जिकल स्ट्राइक पर आजम खान ने जो कहा है, उस पर आपको भरोसा नहीं होगा. ये इसलिए लिखे थे कि आपको लगा था. सपा का लीडर है. मुसलमान है. कुछ उल्टा कहा होगा. पाकिस्तान के फेवर में कहा होगा. उसको भी निशाना बना लेंगे. कित्ता जनरलाइज कल्लेते हो. गंदे लोग.
आजम बोले कि पहले तो सिर्फ मैं ही देश का गद्दार और पाकिस्तानी एजेंट माना जाता था लेकिन अब इस लिस्ट में बड़े-बड़े गैर इस्लामिक लोग आ गए हैं. दिग्विजय सिंह हैं, संजय निरूपम और राहुल गांधी भी हैं. उन्होंने सटायर जैसा कुछ मारते हुए सर्कास्टिक टोन में कहा कि देशद्रोही और गद्दार देश में रहेंगे तो देश का भविष्य अंधेरे में रहेगा. ऐसे गद्दारों से निपटना चाहिए. इसके अलावा सर्जिकल स्ट्राइक का प्रूफ बतौर वीडियो जारी मांगने की बात को बेवजह का बताते हुए आजम खान ने कहा. फौजी जनरल ने जो कह दिया वही मान लेना चाहिए. सर्जिकल स्ट्राइक जैसी चीजों की पब्लिसिटी के लिए यूज नहीं करनी चाहिए न इस मैटर पर नंबर बनाने चाहिए. इसके पहले भी एक सलीके की बात कहे थे. बोलें रहें कि
‘किसी भी जंग का फैसला मैदान-ए-जंग में नहीं होता. दुनिया ने दो वर्ल्ड वॉर देखे हैं, लेकिन कोई समझौता नहीं हुआ. कौन जीता, कौन हारा, ये अलग बात है. पर तीसरा वर्ल्ड वॉर भी हो जाए तब भी कोई फैसला नहीं निकलेगा. जब किसी बंद कमरे में गोलमेज पर बैठकर कुछ लोग शांति का प्लान तैयार करेंगे.’
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भारत-पाकिस्तान पर सबसे अलग हटकर बात आजम खान ने कही है