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'ये फैसला है, इंसाफ नहीं... ', पत्नी-बेटे के साथ जेल के गेट पर आजम खान ने क्या-क्या कहा?

अखिलेश यादव ने भी आजम खान की सजा पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, कहा कि आजम खान को मुसलमान होना भारी पड़ गया और क्या कहा?

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आजम खान, उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटा अब्दुल्ला आजम. (फाइल फोटो)

Azam Khan समाजवादी पार्टी (सपा) ने वरिष्ठ नेता. एक बार फिर जेल पहुंच गए हैं. अपनी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ. 18 अक्टूबर (बुधवार) को रामपुर के एमपी-एमएलए कोर्ट ने इन तीनों को फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के 5 साल पुराने मामले में दोषी ठहराया था. इन्हें सात साल की सजा सुनाई गई थी. इसके बाद देर शाम को तीनों रामपुर जेल पहुंचे. इस दौरान आजम खान ने तंज भरे अंदाज में मीडिया से बात की और कहा कि इंसाफ और फैसले में फर्क होता है. ये फैसला है इंसाफ नहीं.

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यूपी तक की खबर के मुताबिक जेल के गेट पर आजम खान ने मीडिया से बातचीत में कहा,

“इंसाफ और फैसले में बहुत फर्क होता है, आज जो हुआ है वो फैसला है. कल से ही पूरे शहर को पता था कि आज क्या फैसला होना है.”

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आजम खान आगे बोले-

“फैसले का तो सबको पता था. मीडिया के छोटे चैनल पर चलने लगा था कि कितनी सजा होनी है. अब क्या कहें, इससे ज्यादा. यह भी मालूम था कि कितनी सजा होनी है, कल से मालूम था, आप लोगों ने जजमेंट देख लिया होगा, हमें आज पता चला.”

फोटो : यूपी तक 

इस दौरान आजम खान से सवाल पूछा गया कि क्या वो इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेंगे? इस पर सपा नेता का कहना था,

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'इस पर हम विचार करेंगे, इस पर हमारे वकील लोग विचार करेंगे.'

अखिलेश यादव के मुताबिक क्यों मिली सजा?

अपनी पार्टी के एक बड़े नेता को सजा होने पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. कन्नौज में अखिलेश ने कहा,

“आजम खान साहब और उनके परिवार को न्याय मिलेगा. उनके खिलाफ बड़ी साजिश रची जा रही है. इस साजिश का ही परिणाम है कि आज उन्हें इस तरह की सजा का सामना करना पड़ रहा है.'

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि आजम खान मुसलमान हैं, इसलिए उनको इस तरह की सजा झेलनी पड़ रही है.

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क्या है फर्जी जन्म प्रमाणपत्र का मामला?

इंडिया टुडे से जुड़े अमित भारद्वाज की रिपोर्ट के मुताबिक ये मामला आजम के बेटे अब्दुल्ला आजम के फेक बर्थ सर्टिफिकेट से जुड़ा हुआ है. आरोप के मुताबिक अब्दुल्ला आजम पर दो अलग-अलग बर्थ सर्टिफिकेट रखने का आरोप है. एक सर्टिफिकेट 28 जून 2012 को जारी हुआ जो रामपुर नगर पालिका ने जारी किया. इसमें अब्दुल्ला के जन्मस्थान के रूप में रामपुर को दिखाया गया है. जबकि दूसरा जन्म प्रमाण पत्र जनवरी 2015 में जारी किया गया. इसमें अब्दुल्ला के जन्मस्थान को लखनऊ दिखाया गया है.

इसको लेकर बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने अब्दुल्ला आजम के खिलाफ केस दायर किया था. इस मामले में आईपीसी की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत केस दर्ज किया गया था. केस में अब्दुल्ला के पिता आजम खान और मां तजीन फातिमा को भी आरोपी बनाया गया था. अब्दुल्ला पर पहले जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर पासपोर्ट हासिल करने और विदेशी दौरे करने के लिए दूसरे प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करने का भी आरोप है. इसके अलावा उन पर जौहर विश्वविद्यालय के लिए भी इसका उपयोग करने का आरोप है. आरोप है कि अब्दुल्ला आजम ने दोनों सर्टिफिकेट का सुविधानुसार इस्तेमाल किया.

इस केस की सुनवाई रामपुर की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही थी. आजम खान के वकील की तरफ से अर्जी लगाई थी कि केस सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर किया जाए. हालांकि ये अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी थी. इसके बाद 18 अक्टूबर (बुधवार) को फेक बर्थ सर्टिफिकेट केस में अदालत ने आजम खान, तंजीन फातिमा और अब्दुल्ला आजम को सजा सुना दी.

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