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राम मंदिर के लिए तैयार मुसलमान, मगर उद्धाटन में आ रहे मोदी से कर दी ये बड़ी मांग?

अयोध्या में राम मंदिर बनाने का काम तेजी से चल रहा है. उम्मीद है कि ये जनवरी 2024 तक बनकर तैयार हो जाएगा. राम मंदिर के उद्घाटन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचने वाले हैं. ऐसे में अयोध्या के मुसलमान समुदाय ने उनके सामने एक बड़ी मांग रखी है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम में भी पहुंचे थे. (फोटो क्रेडिट -X)

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से धन्नीपुर मस्जिद की नींव (PM Modi Ayodhya Mosque Foundation) रखने की मांग की है. प्रधानमंत्री यहां बन रहे राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में जाने वाले हैं. अनुमान है कि राम मंदिर जनवरी 2024 तक बनकर तैयार हो जाएगा.

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इंडिया टुडे से जुड़े बनबीर सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कहा है कि प्रधानमंत्री जब राम मंदिर के उद्घाटन में आएं तो धन्नीपुर मस्जिद की नींव भी रखें. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में अयोध्या में मंदिर और मस्जिद बनाने के लिए अलग-अलग जगहों पर जमीन दी थी. राम मंदिर बनाने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र बना. वहीं, मस्जिद बनाने के लिए इंडो इस्लामिक फाउंडेशन बनाया गया.

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राम मंदिर बनकर तैयार होने जा रहा है. लेकिन अभी तक धन्नीपुर में मस्जिद की आधारशिला तक नहीं रखी गई है. ऐसे में कई वरिष्ठ मुस्लिम बुद्धिजीवी मांग कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मस्जिद की नींव रखें. इंडियन मुस्लिम लीग के अध्यक्ष मोहम्मद इस्माइल अंसारी ने कहा,

"हमारे प्रधानमंत्री शुभ अवसर पर अयोध्या आ रहे हैं. हमारी उनसे इल्तिजा है कि वे मस्जिद का काम भी शुरू कर दें. ये हमारी दिली इच्छा है."

‘ताजमहल से भी ज्यादा मस्जिद का नाम हो’

इंडियन मुस्लिम लीग के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नजमुल हसन गनी ने इस बारे में कहा,

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"सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जो मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ जमीन दी गई है, उस पर मस्जिद बनेगी. हमारा कहना है कि प्रधानमंत्री मंदिर के उद्घाटन के लिए अयोध्या आ रहे हैं, तो वे जामा मस्जिद के इमाम अहमद बुखारी और ऑल इंडिया इमाम संगठन के अध्यक्ष डॉक्टर इलियासी को अपने साथ लेते आएं और धन्नीपुर मस्जिद की भी बुनियाद रखें."

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वहीं मुफ्ती अब्दुल्लाह बादशाह खान ने कहा,

"प्रधानमंत्री पूरे हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री हैं. यहां रहने वाले सभी लोगों के प्रधान हैं. वे अयोध्या में हिंदुओं के मंदिर का उद्घाटन करने आ रहे हैं. उन्होंने इसका शिलान्यास भी किया था. इसी तरह सुप्रीम कोर्ट ने धन्नीपुर में मस्जिद के लिए जो जगह दी है, वे यहां आएं और मस्जिद का शिलान्यास करें. यहां ऐसी मस्जिद बनाई जाए जिसे पूरी दुनिया में पहचाना जाए. जैसे ताजमहल को दुनियाभर में जाना जाता है, ये मस्जिद उससे भी ज्यादा नाम कमाए."  

अयोध्या भूमि विवाद मामले में एक पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने मस्जिद बनने में देरी होने के लिए इंडो इस्माइल कल्चरल फाउंडेशन को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने ट्रस्ट बनाया है, आम लोग उनसे जुड़ने के लिए तैयार ही नहीं है. यही कारण है कि आज तक मस्जिद का कोई काम नहीं हो पाया. हम चाहेंगे कि ट्रस्टियों को बदलने के लिए सरकार हमारी मदद करे.

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