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स्कूल में पिस्तौल-बंदूकों से ट्रेनिंग, वीडियो देख मचा बवाल तो पुलिस ने क्या एक्शन लिया?

राष्ट्रीय बजरंग दल पर युवाओं को हथियार प्रशिक्षण देने का आरोप, वीडियो वायरल हुआ तो मचा हड़कंप...

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प्रशिक्षण का वीडियो हुआ था वायरल (Twitter)

असम के दरांग जिले में हाल ही में हथियार प्रशिक्षण शिविर का एक वीडियो वायरल हुआ. इसमें एक स्कूल में युवाओं को पिस्तौल और बंदूकों के साथ प्रशिक्षण लेते देखा गया. वीडियो देख पूरे राज्य में हड़कंप मच गया. विपक्ष से लेकर सोशल मीडिया पर लोग इस पर कार्रवाई की मांग करने लगे. अब खबर आई है कि इसे आयोजित करने के आरोप में 2 अगस्त को राष्ट्रीय बजरंग दल के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है. पकड़े गए दो आरोपी बिजॉय घोष और गोपाल बोरो हैं. दरांग के SP प्रकाश सोनोवाल ने इस बात की जानकारी दी.
 
SP प्रकाश सोनोवाल ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों सदस्यों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. स्कूल में अवैध हथियार प्रशिक्षण शिविर में शामिल बाकी लोगों को पकड़ने के लिए जांच की जा रही है. सोनोवाल ने आगे बताया कि 1 अगस्त को महर्षि विद्या मंदिर स्कूल के प्रिंसिपल हेमंत पायेंग और रतन दास को उनकी भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया था. हालांकि पायेंग और दास को जमानत पर रिहा कर दिया गया है. फिलहाल संगठन के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है.

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राष्ट्रीय बजरंग दल ने लगाया कैंप

दरअसल जो वीडियो वायरल हुआ था, उसमें शिविर के अंदर युवाओं को पिस्तौल और बंदूकों के साथ प्रशिक्षण लेते देखा गया. इस वीडियो के वायरल होते ही पूरे राज्य भर में आक्रोश फैल गया. मीडिया रिपोर्ट्स के के मुताबिक ये ट्रेनिंग कैम्प 24 से 30 जुलाई के बीच आयोजित किया गया था. इस कैंप में 18 से 30 साल के युवा शामिल हुए थे. राष्ट्रीय बजरंग दल की असम शाखा के अध्यक्ष दिनेश कालिता ने इस बात का दावा किया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें शामिल लोगों को तलवारबाजी, तीरंदाजी और बंदूक चलाने के साथ-साथ मार्शल आर्ट्स की भी ट्रेनिंग दी गई थी. दरांग पुलिस ने 31 जुलाई को मंगलदोई पुलिस स्टेशन में IPC की धारा 153A और धारा 34 के तहत इसको लेकर मामला दर्ज कर लिया था. 

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वहीं विपक्षी पार्टियों ने वीडियो वायरल होने के बाद सरकार से इस पर कार्रवाई करने की मांग की थी. असम विधानसभा में विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेता देबब्रत सैकिया ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई और जिला प्रशासन की भूमिका की जांच की मांग की थी.

क्या है राष्ट्रीय बजरंग दल?

अब ये राष्ट्रीय बजरंग दल क्या है? क्या ये बजरंग दल का हिस्सा है? तो इसका जवाब नहीं है. आज तक में छपी खबर के मुताबिक 14 अप्रैल 2018 को VHP छोड़ने के दो महीने बाद जून 2018 में प्रवीण तोगड़िया ने अपना नया संगठन बनाया. उन्होंने इसे 'अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद' नाम दिया. प्रवीण तोगड़िया अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. और इसी संगठन की युवा शाखा 'राष्ट्रीय बजरंग दल' है. 

वीडियो: Haryana के मुख्यमंत्री Manohar lal Khattar बोले पुलिस सबको नहीं बचा सकता है

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