The Lallantop

कुरान के पन्ने जलाने पर पाकिस्तान में 40 साल की महिला को मिली बेहद सख्त सजा

महिला के वकील सरमद अली ने बचाव करते हुए कहा कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया.

Advertisement
post-main-image
ईशनिंदा के मामले में आसिया बीबी को उम्रकैद. (सांकेतिक तस्वीर- इंडिया टुडे)

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में कुरान के पन्ने जलाने पर उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. महिला को ‘बेअदबी’ का दोषी पाया गया. सजा पाने वाली महिला का नाम आसिया बीबी है. उनकी उम्र 40 साल है. आसिया लाहौर के बेदियान रोड इलाके की रहने वाली हैं. पुलिस ने 2021 में उनके खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया था.

Advertisement
कुरान के पन्नों को जलाने का आरोप

आसिया के खिलाफ उन्हीं के इलाके में रहने वाले एक शख्स ने शिकायत दर्ज करवाई थी. समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक आरोप है कि आसिया ने मुस्लिमों के धार्मिक ग्रंथ कुरान के पन्नों को अपने घर के बाहर जलाया था. और अब 21 मार्च को कोर्ट ने सुनवाई के बाद आसिया को दोषी करार दिया.

मामले की सुनवाई के दौरान आसिया के वकील सरमद अली ने बचाव करते हुए कहा कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया. उन्होंने अपनी दलील में कहा,

Advertisement

“आसिया ने कुरान का अपमान नहीं किया था. उनके पड़ोसी ने निजी वजहों से उन्हें फंसाया है. गवाहों के बयानों में भी विरोधाभास दिखता है.” 

उन्होंने सवाल किया कि मुख्य शिकायतकर्ता की जगह एक पुलिस अधिकारी को क्यों लाया गया, जो घटना के समय वहां मौजूद भी नहीं था.

हालांकि दूसरे पक्ष के वकील मोहज़िब अवैस ने कहा कि आसिया को कुरान जलाते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था. जिसे मौके से बरामद भी किया गया था. सेशन कोर्ट के न्यायाधीश इमरान शेख के मुताबिक, आसिया के खिलाफ दर्ज मामला पूरी तरह साबित हो गया है. वहीं, आसिया के वकील अब लाहौर हाई कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी में हैं. 

Advertisement

ये भी पढ़ें- पहले दी थी मंजूरी, अब कुरान जलाने को गलत क्यों बता रही है स्वीडन की सरकार?

आपत्तिजनक कॉन्टेंट पर मौत की सजा

हाल में पाकिस्तान में एक और ईशनिंदा के मामले में सजा सुनाई गई थी. BBC में 8 मार्च को छपी के एक रिपोर्ट के मुताबिक, 22 साल के एक स्टूडेंट को ईशनिंदा के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी. उस पर पैगंबर मोहम्मद और उनकी पत्नियों के बारे में आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाने का आरोप था. इसी मामले में एक 17 साल के नाबालिग को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई. हालांकि दोनों ने इन आरोपों से इंकार किया था. साल 2022 में ये शिकायत लाहौर में पाकिस्तान की जांच एजेंसी (FIA) ने दर्ज की थी.

वीडियो: अयोध्या मस्जिद की तैयारियां शुरू, मस्जिद में रखी जाएगी दुनिया की सबसे बड़ी कुरान स्कूल अस्पताल भी

Advertisement