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लड़की से बलात्कार के मामले में आसाराम दोषी साबित, दस साल पहले लगा था आरोप

आसाराम को 31 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी.

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आसाराम (फोटो: आज तक)

साल 2013 में लगे बलात्कार के आरोप में आसाराम (Asaram) को गांधीनगर की एक जिला अदालत ने दोषी ठहराया है. वहीं इस मामले के बाकी आरोपीयों को कोर्ट ने बरी कर दिया है. साल 2013 में सूरत की एक लड़की ने आसाराम पर बलात्कार का आरोप लगाया था. इस मामले में कोर्ट की तरफ से सजा का ऐलान 31 जनवरी को किया जाएगा.

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क्या है मामला?

गुजरात कोर्ट ने सोमवार 30 जनवरी को आसाराम को एक दस साल पुराने मामले में दोषी ठहराया है. आसााराम पर आरोप था कि, उसने अपने अहमदाबाद के मोटेरा स्तिथ अपने आश्रम में एक लड़की के साथ रेप किया था. अदालत मंगलवार 31 जनवरी को आसाराम को सजा सुनाएगी.  साल 2013 के अगस्त महीने में सूरत की लड़की ने बलात्कार का आरोप लगाया था. और उसी लड़की की छोटी बहन ने नारायण साईं पर बलात्कार का आरोप लगाया था.  इस मामले में आसाराम की पत्नी लक्ष्मी, बेटी भारती, और चार महिला अनुयायी ध्रुवबेन, निर्मला, जस्सी और मीरा भी आरोपी हैं.  इस मामले में कोर्ट ने आसाराम को IPC के सेक्शन 342(गलत तरीके से कैद करना), 354A(सेक्लुअल हैरेसमेंट) 370(4)(ह्ययुमन ट्रैफिकिंग), 376(रेप), 506(धमकाना), 120(B)(आपराधिक साज़िश) के तहत दोषी ठहराया है.

 पहले भी दोषी साबित हो चुका है. 

एक अन्य मामले में, साल 2013 के अगस्त महीने की 20 तारीख को पीड़िता के परिवार ने दिल्ली के कमला नगर थाने में आसाराम के खिलाफ रेप केस दर्ज करवाया था. जिसके बाद लड़की का मेडिकल हुआ था.  21 अगस्त को इस मामले को जोधपुर पुलिस को हैंडओवर कर दिया गया था. और  31 अगस्त, 2013 को  जोधपुर पुलिस ने आसाराम को इंदौर से गिरफ्तार कर लिया गया था.  जिसके बाद 2 सितंबर को आसाराम का मेडिकल करवाया गया था.

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6 नवंबर, 2013 को आसाराम के खिलाफ चार्जशीट फाइल की गई थी. चार्जशीट में आसाराम उनके छिंदवाड़ा आश्राम के गर्ल्स हास्टल की वार्डन शिल्पी और तीन सहयोगियों शरतसिंह, शिवा और प्रकाश को आरोपी घोषित किया गया था.  7 फरवरी, 2014 को जोधपुर कोर्ट ने आसाराम पर रेप समेत कई अन्य अपराधों के आरोप तय किए थे. आसाराम ने कई बार खुद को निर्दोष बताते हुए अपनी जमानत की अपील भी की थी. मगर कोर्ट ने हर बार उसकी याचिका खारिज कर दी थी. 23 मई, 2014 को इस मामले के गवाह अमृत प्रजापति की गोली मारकर हत्या करवा दी गई थी. आरोप हैं कि मामले के कई और गवाहों को भी धमकी दी गई थी. 7 अप्रैल, 2018 को एससी-एसटी कोर्ट में जिरह पूरी हुई थी. जिसके बाद 25 अप्रैल, 2018 को आसाराम को नाबालिग से रेप करने के मामले में दोषी ठहराया गया था. जिसके बाद आसाराम को अजीवन कारावास की सज़ा मिली थी. वहीं साथी आरोपी शिल्पी और शरतचंद्र को 20-20 साल की सज़ा सुनाई गई थी. 

वीडियो: आसाराम के आश्रम में खड़ी कार में मिला बच्ची का शव, पूरा मामला क्या है?

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