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'दुबई के मुसलमान से मोहब्बत...', PM मोदी को ओवैसी ने डेटा निकाल कर जवाब दिया

ओवैसी ने घुसपैठियों को लेकर भारत सरकार का ही आंकड़ा गिना दिया.

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किशनगंज में रैली के दौरान ओवैसी ने प्रधानमंत्री को जवाब दिया (फोटो- X/AIMIM)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के बांसवाड़ा में रैली के दौरान मुसलमानों पर जो टिप्पणी की, उसकी खूब आलोचना हो रही है. विपक्षी नेता पीएम के बयान को नफरत फैलाने वाला बता रहे हैं. अब AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी प्रधानमंत्री के बयान की आलोचना की है. ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को कमजोर करने का काम कर रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि मोदी जी को दुबई और सऊदी अरब के मुसलमान से मोहब्बत है लेकिन सीमांचल के अख्तरुल ईमान से नफरत क्यों है.

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ओवैसी 22 अप्रैल को बिहार के किशनगंज में एक रैली को संबोधित कर रहे थे. यहीं पर उन्होंने कहा, 

"मोदी जी ने कहा कि मुसलमान बच्चे बहुत पैदा करते हैं. अब हम मोदी जी के भाषण का पोस्टमार्टम करते हैं. सच्चाई ये है कि मुस्लिम महिलाओं की प्रजनन दर 2.36 है. ये कम हुआ है. हिंदुओं में ये और कम है, लेकिन मुस्लिमों में भी कम हुआ है."

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ओवैसी ने जो आंकड़ा बताया, वो भारत सरकार का ही आंकड़ा है. साल 2022 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पांचवां राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे (NFHS) जारी किया था. इस सर्वे के मुताबिक, साल 2019-21 के दौरान हिंदुओं में प्रजनन दर घटकर 1.94 पहुंच गई. यानी 10 हिंदू महिलाएं औसतन 19 बच्चे पैदा करती हैं. साल 2015-16 के दौरान हिंदू महिलाओं में प्रजनन दर 2.13 थी. वहीं मुस्लिम महिलाओं की बात करें, तो उनकी प्रजनन दर घटकर 2.36 पर पहुंच गई. यानी 2019-21 के दौरान 10 मुस्लिम महिलाओं ने औसतन 23 बच्चे पैदा किए. साल 2015-16 में यह 2.62 थी.

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मुसलमानों के ज्यादा बच्चे होने के आरोपों पर ओवैसी ने आगे कहा, 

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"अच्छा मोदी जी, आपके कितने भाई हैं- छह. अमित शाह की कितनी बहनें हैं- छह. रविशंकर प्रसाद कितने भाई-बहन हैं- सात. मगर इन सबको नजर आता है, मुसलमान बहुत बच्चे पैदा कर रहा है."

औवेसी ने घुसपैठियों को लेकर प्रधानमंत्री की तरफ से की गई टिप्पणी पर भी जवाब दिया. ओवैसी के मुताबिक, 15 जुलाई 2014 को सरकार ने संसद में बताया कि घुसपैठियों को लेकर कोई आंकड़ा नहीं है. 25 नवंबर 2014 को भी सरकार ने कहा कि कोई डेटा नहीं है. 6 दिसंबर 2016 को सरकार ने बताया कि बांग्लादेश से जो आ रहे हैं, उसका कोई डेटा नहीं है. 21 मार्च 2017 को मोदी सरकार ने कहा कि कोई डेटा नहीं है. 11 अप्रैल 2017, एक अगस्त 2017, 20 मार्च 2018, 2 जुलाई 2019, 3 मार्च 2020 को भी सरकार ने यही जवाब दिया कि कोई डेटा नहीं है.

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इसी के आधार पर ओवैसी ने निशाना साधा कि प्रधानमंत्री किस आधार पर घुसपैठिये बता रहे हैं. उन्होंने आगे कहा, 

"मोदी जी, आप देश को तोड़ने का काम कर रहे हैं. आप देश को कमजोर करने का काम कर रहे हैं. अगर दक्षिण भारत के लोग बोल दें कि उनके पास कम संसदीय सीट हैं, वे बच्चे भी कम पैदा कर रहे हैं और पैसे भी ज्यादा दे रहे हैं तो आप क्या जवाब देंगे प्रधानमंत्री जी."

इससे पहले 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी ने बांसवाड़ा में मुसलमानों को लेकर टिप्पणी की थी. प्रधानमंत्री ने कहा था कि पहले जब उनकी (कांग्रेस) सरकार थी तब उन्होंने कहा था कि देश की संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है. उन्होंने आगे कहा कि इसका मतलब ये संपत्ति इकट्ठा करके किसको बांटेंगे, जिनके ज्यादा बच्चे हैं उनको बांटेंगे, घुसपैठियों को बांटेंगे.

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