सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे (Army Chief Manoj Pande) का कार्यकाल 31 मई को खत्म होने वाला था. लेकिन इससे पहले ही केंद्र सरकार ने उन्हें 1 महीने का सेवा विस्तार दिया है. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन औवेसी (Asaduddin Owaisi) ने केंद्र सरकार के इस फैसले पर सवाल खड़ा किया है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि इसमें कोई साजिश हो सकती है.
सेना प्रमुख मनोज पांडे के सेवा विस्तार पर असदुद्दीन औवेसी ने उठाया सवाल
AIMIM प्रमुख Asaduddin Owaisi ने Army Chief Manoj Pande के सेवा विस्तार पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार के इस फैसले में कोई साजिश हो सकती है.

असदुद्दीन औवेसी ने सोशल मीडिया X पर लिखा है,
"चुनाव प्रचार के दौरान सेना प्रमुख के कार्यकाल का विस्तार उचित नहीं है. नरेंद्र मोदी सरकार को उनके कार्यकाल के बारे में अच्छी तरह से पता था तो सेवा विस्तार की घोषणा पहले ही कर देनी चाहिए थी."
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उन्होंने आगे लिखा,
"हमारे सशस्त्र बलों को सत्तारूढ़ दल को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए. लेकिन पिछले दशक में PM मोदी के शासन में चुनावी लाभ के लिए सैनिकों के नाम का इस्तेमाल किया गया है. हमने इसे चीन के बॉर्डर पर देखा है. यहां हमारे सैनिक LAC पर गश्त करने में असमर्थ हैं. जनरल पांडे को लेकर सरकार का ये कदम PM मोदी, रक्षा मंत्री और भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा पर निर्णय लेने वाले सभी लोगों पर खराब असर डालता है."
औवेसी ने सेना प्रमुख के सिर्फ 1 महीन के सेवा विस्तार पर भी सवाल उठाया है. उन्होंने लिखा है,
कौन हैं जनरल मनोज पांडे?"जनरल पांडे को दिया गया विस्तार केवल एक महीने के लिए है, इसका मतलब है कि ये एक अस्थायी समाधान है. ये इस सरकार की कमी को दिखाता है. यदि ये अक्षमता नहीं है, तो ये कुछ अधिक भयावह और षडयंत्रकारी अवश्य है."
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मनोज पांडे ने स्टाफ कॉलेज केम्बरली (UK) से ग्रेजुएशन किया है. उन्होंने आर्मी वॉर कॉलेज, महू और दिल्ली में नेशनल डिफेंस कॉलेज में हायर कमांड कोर्स में भी भाग लिया था. अपने कार्यकाल में उन्होंने 'ऑपरेशन विजय' और 'ऑपरेशन पराक्रम' में सक्रिय रूप से भाग लिया है. दिसंबर 1982 में कोर ऑफ इंजीनियर्स में कमीशन दिया गया था. 30 अप्रैल 2022 को जनरल पांडे सेना प्रमुख के पद पर नियुक्त हुए थे.
26 मई को रक्षा मंत्रालय ने जनरल मनोज पांडे के सेवा विस्तार को मंजूरी दी. अब जनरल पांडे का कार्यकाल 30 जून 2024 तक बढ़ गया है. इससे पहले 1970 के दशक में तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार ने थलसेना प्रमुख जनरल गोपाल गुरुनाथ बेवूर को सेवा विस्तार दिया था.
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