न्यूज चैनल का कहना है कि एक वॉट्सऐप चैट हाथ लगी है. इस वॉट्सऐप चैट में प्रभाकर सैल का जिक्र है. वो NCB का दूसरा गवाह है. और केपी गोसावी का ड्राइवर रह चुका है. प्रभाकर सैल ने NCB की विजिलेंस जांच टीम को एक एफिडेविट दिया है. इसमें क्रूज ड्रग्स केस में आर्यन की गिरफ्तारी और कथित वसूली कांड से जुड़े कई खुलासे किए हैं. प्रभाकर सैल ने केपी गोसावी के साथ हुई अपनी वॉट्सऐप चैट भी NCB को सौंपी है. क्या है वॉट्सऐप चैट में? चैनल का दावा है कि ये वॉट्सऐप चैप 3 अक्टूबर की है. जिस दिन शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान और अन्य को ड्रग्स के मामले में गिरफ्तार किया गया था. इस चैट में
केपी गोसावी प्रभाकर सैल से कहता है - "हाजी अली चले जाओ.... और वो काम पूरा करो जो मैंने तुम्हें बताया था, वहां से घर वापस आ जाना."
प्रभाकर सैल - "जी सर"
केपी गोसावी - "बाहर से ताला बंद कर देना और चाबी को खिड़की से हॉल में फेंक देना. जल्दी जाओ और जल्दी वापस आओ."
प्रभाकर सैल के एफिडेविट के मुताबिक गोसावी ने उसे हाजी अली के पास इंडियाना होटल जाकर किसी से 50 लाख रुपए लेने के लिए कहा था. इसके बाद सैल 9 बजकर 45 मिनट पर वहां पहुंचा, जहां एक सफेद रंग की कार आई. गाड़ी का नंबर 5102 है. इसमें से पैसे से भरे दो बैग प्रभाकर को दिए गए. हालांकि पैसे किसने दिए इसका खुलासा होना बाकी है. ये भी पता नहीं चला है कि इस बैग में कितने पैसे थे. हालांकि सैल ने अपने एफिडेटिव में 50 लाख का जिक्र किया था. गिरफ्तारी साजिश थी? प्रभाकर सैल ने एफिडेविट में दावा किया है कि NCB के रेड से पहले ही गोसावी के पास 10 लोगों की हिट लिस्ट मौजूद थी. उनकी गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया गया था. चैनल ने दावा किया है कि दो अक्टूबर को रेड वाले दिन 1 बजकर 23 मिनट पर किरण गोसावी ने अपने ड्राइवर सैल को वॉट्सऐप पर कुछ लोगों की फोटो भेजी. कहा कि अगर ये लोग क्रूज पर ग्रीन गेट से जाते हुए दिखते हैं तो उन्हें बता दें. सैल ने इन बातों का जिक्र एफिडेटिव में किया है.
इन 10 में से एक को पहचानने के बाद प्रभाकर ने वॉट्सऐप पर ही इसकी जानकारी गोसावी को दी थी. केपी गोसावी ने 4 बजकर 23 मिनट पर NCB रेड के बारे में प्रभाकर सैल को बताया था. रेड में कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
प्रभाकर सैल (तस्वीर- इंडिया टुडे/आजतक)ABP का दावा है कि NCB के समीर सालेकर और प्रभाकर सैल के बीच भी वॉट्सऐप चैट हुई थी. प्रभाकर ने अपने एफिडेविट में बताया था कि उसे पंच यानी गवाह बनाया गया था. उसे बताए बगैर ही 10 कोरे काजग पर दस्तखत करवा लिए थे. उस समय उसके पास कोई आईडी नहीं थी. वॉट्सऐप चैट में सैल ने अपना आधार कार्ड सालेकर को भेजा था.
ABP ने इन खुलासों के जरिए सवाल उठाए हैं कि क्या एनसीबी के नाम पर रुपयों की वसली की गई? क्या आर्यन को छुड़ाने के लिए पैसे दिए गए? अगर किरण गोसावी के कहने पर वसूली हुई तो किस हैसियत से?
वहीं इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक पूछताछ के दौरान प्रभाकर सैल ने आरोप लगाए हैं कि NCB अधिकारी समीर वानखेड़े भी पैसों की उगाही में शामिल थे. NCB के डीडीजी ज्ञानेश्वर सिंह ने प्रभाकर सैल से पूछताछ की. पूछताछ के बाद प्रभाकर के वकील तुषार खंडारे ने मीडिया से बातचीत में कहा,
प्रभाकर सैल ने पूछताछ के बाद कहा,
“हमने NCB को उन सभी लोगों के नाम दिए हैं, जिन्होंने जबरन उगाही की और जिनसे उगाही की गयी. हम सरकार से इस मामले में तुरंत FIR दर्ज करने की मांग करते हैं. यह जबरन वसूली करने के लिए फेंका गया एक जाल था, जिसमें समीर वानखेड़े सहित NCB के कुछ अधिकारी शामिल थे. 25 करोड़ रुपए मांगे गए और 18 करोड़ रुपये में डील फाइनल हुई.’पिछले महीने प्रभाकर सैल ने दावा किया था कि NCB के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने 25 करोड़ में आर्यन खान को छोड़ने की डील की है. समीर वानखेड़े ने ख़ुद पर लगे इन आरोपों का खंडन भी किया था. इन आरोपों के बाद ही NCB समीर वानखेड़े को मामले की जांच से हटा दिया गया था और उनके खिलाफ जांच का आदेश दिया गया था. इसके बाद एजेंसी के उप महानिदेशक ज्ञानेश्वर सिंह आए. समीर वानखेड़े पर लगे आरोपों की जांच करने.














