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अंतरिक्ष के पास नीले कपड़े में उड़ रहा ये विशाल 'ह्यूमन शेप' क्या है? AI तो बिल्कुल नहीं है

Silk covered mannequin launched in stratosphere: 'मिशन तारोनी' के तहत एक पुतले को सिल्क के कपड़े में लपेट कर स्ट्रैटोस्फीयर में भेजा गया है. इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य पृथ्वी के साथ हमारे रिश्ते को समझना था. प्रोजेक्ट के तहत एक बेहद हल्का, इंसान जैसा पुतला तैयार किया गया. उसके लिए रेशम का एक खास कवर डिजाइन किया गया.

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आसमान में उड़ता नीला पुतला एक मिशन के तहत भेजा गया था. (फोटो-द डोरोथी प्रोजेक्ट)

आसमान में उड़ता नीला जादुई सा फिगर. सिल्क से लिपटा, मानो अपने में ही मगन. अंतरिक्ष के पास नाचता ये पुतला कोई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की देन नहीं, बल्कि इंजीनियर और कलाकारों का एक कमाल का प्रोजेक्ट है. नाम है ‘मिशन तारोनी'. जिसे 'The Dorothy Project' और रेशम बुनकर कंपनी ‘तारोनी’ ने मिलकर स्ट्रैटोस्फीयर (पृथ्वी के वायुमंडल की दूसरी सबसे निचली परत है) में भेजा है.  

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डोरोथी और तारोनी ने कला और विज्ञान को मिलाने वाले इस पुतले को पृथ्वी से लगभग 33 किलोमीटर ऊपर भेजा है. ये ऊंचाई इतनी थी कि वहां आसमान एकदम काला हो गया और पृथ्वी की गोलाई भी दिखने लगी. प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रही 'द डोरोथी प्रोजेक्ट' कंपनी कनाडा के मॉन्ट्रियल स्थित कलाकारों का एक ग्रुप है. इसकी स्थापना कलाकार और फिल्म निर्माता डोरोथी लीथ ने की थी. कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर प्रोजेक्ट के बारे में बताया,

“Mission TARONI हमें अपनी क्रिएशन के साथ रिश्ते को नए तरीके से सोचने पर प्रेरित करता है. साथ ही ये सवाल पूछने के लिए भी कहता है कि जब हम किसी चीज को शेप देते हैं, तो क्या हम अपने जीवन और अपनी पृथ्वी को देखने का नजरिया भी बदलते हैं?”

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इटली के कोमो शहर के ऐतिहासिक रेशम बुनकर 'तारोनी' ने प्रोजेक्ट के लिए एक बेहद हल्का, इंसान जैसा पुतला तैयार किया. कंपनी ने इसके लिए एक खास सिल्क कवर डिजाइन किया था. जिसे कार्बन फाइबर से बने एक ढांचे पर लगाया गया. फिर कनाडा के ग्रामीण इलाके से एक गुब्बारे की मदद से उसे स्ट्रैटोस्फीयर में भेज दिया.

द प्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, तारोनी कंपनी ने एक बयान में 'द डोरोथी प्रोजेक्ट' के साथ साझेदारी करने पर बात की. कहा कि वे प्रोजेक्ट में इसलिए साथ आई ताकि ‘सबसे पहले' अपने रेशमी कपड़े को स्ट्रैटोस्फीयर में भेज सके.

कंपनी ने बताया कि वो अपने सबसे हल्के 'डबल साटन' कपड़े का प्रदर्शन देखना चाहती थी. माने कि एक ऐसी जगह जहां सूरज की सीधी किरणें बिना किसी वायुमंडलीय प्रदूषण की रुकावट के उस पर पड़ती है.

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डोरोथी और तारोनी इस प्रोजेक्ट के लिए 'ओवरव्यू इफेक्ट' से प्रेरित हुए. यानी वो एहसास जो अंतरिक्ष यात्री स्पेस से धरती की तरफ निहारते हुए महसूस करते हैं. ये पहली बार है जब किसी हाई फैशन कपड़े को इतनी ऊंचाई तक भेजा गया है. डोरोथी कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुकी है. 

वेबसाइट में कंपनी ने बताया कि वे कलाकारों, इंजीनियरों और फिल्म निर्माताओं की एक टीम है, जो ऊपर से पृथ्वी को कैमरे में कैद करते हैं. और साइंस बेस्ड इमर्सिव कहानी कहने की शैली का इस्तेमाल करके ये जानते हैं कि 'ओवरव्यू इफेक्ट' किस तरह मानवीय चेतना को नया आकार दे सकता है.

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