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सियाचिन में बने बंकर में आग लगने से सेना के अधिकारी की मौत, 3 जवान जख्मी

घायल जवानों को बंकर से बाहर निकाल कर विमान से हॉस्पिटल पहुंचा दिया गया है.

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सियाचिन ग्लेशियर पर भारतीय सेना. (फाइल फोटो)

सियाचिन ग्लेशियर में बने एक बंकर में आग लगने से भारतीय सेना के एक अधिकारी की मौत हो गई है. इस दुर्घटना में तीन जवानों के घायल होने की भी जानकारी आई है. उन्हें बंकर से बाहर निकाल कर विमान से हॉस्पिटल पहुंचा दिया गया है. आर्मी से मिली जानकारी के मुताबिक फिलहाल तीनों जवानों की हालत स्थिर है.

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न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक ये घटना बुधवार, 19 जुलाई की सुबह लगभग 3 बजे हुई. इसके बाद लेह के डिफेंस पीआरो ने इस घटना पर और जानकारी दी है. ANI ने ट्वीट कर पीआरो ऑफिस के हवाले से बताया,

'सियाचिन ग्लेशियर पर लगभग सुबह 3 बजे आग लगने की घटना हुई. इस घटना में रेजिमेंटल मेडिकल ऑफिसर कैप्टन अंशुमान सिंह की मौत हो गई है. तीन जवान आग से जख्मी हुए हैं. आग का धुआं उनके शरीर में गया है. उन्हें इलाज के लिए हवाई माध्यम से वहां से निकाल लिया गया है. उनकी हालत स्थिर है.'

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इंडिया टुडे से जुड़े मनजीत नेगी की रिपोर्ट के मुताबिक सियाचिन ग्लेशियर में गोलीबारी से ज्यादा जानें मौसम और हिमस्खलन की वजह से गई हैं. बर्फीले मौसम को देखते हुए आर्मी किसी भी सैनिक को सिर्फ तीन महीने के लिए यहां तैनात करती है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, सियाचिन में पिछले 37 साल में 800 से ज्यादा जवानों की जान गई हैं. इसमें खराब मौसम, कठिन भूभाग और फायरिंग से हुई मौतें शामिल हैं.

भारतीय सेना अपना काफी ज्यादा समय सियाचिन में तैनाती के लिए सैनिकों को तैयार करने में लगाती है. नुब्रा नदी के तट पर एक युद्ध स्मारक बना है. इस पर उन भारतीय सैनिकों के नाम हैं, जिन्होंने ग्लेशियर पर अपनी जान गंवाई है. 

सियाचिन ग्लेशियर दुनिया के सबसे बड़े ग्लेशियर्स में से एक है और 76 किलोमीटर के एरिया में फैला हुआ है. ये ग्लेशियर समुद्र तल से लगभग 5,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. हाल ही में इसे टूरिस्ट्स के लिए भी खोल दिया गया है.

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