ईरान-अमेरिका की जंग का भारत पर भी असर हुआ है. भारत में एलपीजी की किल्लत का असर लोगों के जीवन पर दिखने लगा है लेकिन इस बीच राहत की खबर तब आई जब ईरान ने कुछ भारतीय जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने की इजाजत दे दी. इसी कड़ी में दो और भारतीय ऑयल टैंकरों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर लिया है. लेटेस्ट शिपिंग डेटा से पता चला है कि टैंकर BW ELM और BW TYR अब ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ रहे हैं.
होर्मुज पार कर आगे बढ़े 2 और भारतीय टैंकर, कितना LPG लेकर भारत आ रहे?
लगभग पांच और भारतीय टैंकर अभी भी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के पास पानी में खड़े हैं. इन टैंकर्स में कच्चा तेल भरा हुआ है. ये जहाज स्ट्रेट से गुजरने के लिए मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं.


इन दोनों टैंकर्स पर भारत का झंडा लगा हुआ है. इनमें 90 हजार टन से ज्यादा एलपीजी है. इसके अलावा लगभग पांच और भारतीय टैंकर अभी भी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के पास पानी में खड़े हैं. इन टैंकर्स में कच्चा तेल भरा हुआ है. ये जहाज स्ट्रेट से गुजरने के लिए मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं. कुल मिलाकर भारत के झंडे वाले 20 जहाज अब भी खाड़ी में फंसे हुए हैं. इसके अलावा, भारत इस इलाके में फंसे अपने खाली जहाजों में LPG लोड कर रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा एलपीजी भारत लाई जा सके.

कुछ दिनों पहले ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने होर्मुज पर ईरान का रुख साफ कर दिया था. इंडिया टुडे के मुताबिक उन्होंने ईरान के सरकारी टीवी को बताया था कि पांच "मित्र देशों" को होर्मुज पार करने की इजाजत दी गई है. विदेश मंत्री अराघची ने कहा था कि चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान के टैंकरों को सेफ पैसेज दिया जाएगा. साथ ही, उन्होंने चेतावनी भी दी थी कि ईरान के दुश्मनों से जुड़े जहाजों को होर्मुज पार नहीं करने दिया जाएगा.
जब से यह जंग शुरू हुई है, तब से कम से कम चार भारतीय झंडे वाले जहाज, जग वसंत, पाइन गैस, शिवालिक और नंदा देवी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर चुके हैं. जहाजों के डेटा से पता चलता है कि जग वसंत और पाइन गैस में 90,000 टन से अधिक एलपीजी लदी थी. इन जहाजों ने एक अलग रास्ता अपनाया और अरब सागर में जाने के छोटे रास्ते के बजाए ईरान के लारक और केशम आईलैंड्स के बीच से होते हुए होर्मुज को पार किया.
वीडियो: स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज पर टोल वसूलने की तैयारी, ईरानी संसद में बिल प्रस्ताव होगा?


















