The Lallantop

अब माय लॉर्ड कहेंगे, वकील साहब को चार्जिंग पर लगा दो

ये आदमी नहीं रोबोट हैं, कानून पढ़ेंगे, सबूत जुटाएंगे, वकालत करेंगे, फिल्मों में नहीं सही में.

Advertisement
post-main-image
Source- afflictor
एक गुड न्यूज है. सुनोगे तो सर चकरा जाएगा और दिमाग में करंट दौड़ जाएगा. अमेरिका के एक लॉ फर्म ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर बेस्ड दुनिया का पहला वकील अपॉइंट किया है.  माने इस लॉ फर्म ने कानूनी मसलों में सुझाव लेने और रिसर्च करने के लिए एक रोबोट को नौकरी पर रखा है. हमने तुमने न जाने कितनी मूवी देखी होंगी जो रोबोट पर बनी है. हमारे यहां आई थी रजनीकांत की मूवी 'रोबोट' आती है. पर इसमें कुछ खास नहीं है. वहीं प्यार और उसके बाद मार-धाड़. हॉलीबुड मूवी 'रोबोकॉप' सही एक्जामपल है. या फिर 'आई रोबोट'. दोनों ही मूवी में रोबोट विलेन को खल्लास करने में हीरो की हेल्प करता है.

पढ़िए- इंसान की तरह डरने, बिगड़ने और इश्क करने लगे रोबोट

फिल्मों में ये सब होना आम बात है पर रीयल लाइफ में ये इमेजिनरी लगता है. बेकरहोस्टेलर नाम की लॉ फर्म ने इसे सच कर दिया है. रॉस (ROSS) नाम है रोबोट का. इसे रॉस इंटेलीजेंस कंपनी ने बनाया है. इसे आईबीएम के कॉग्निटिव कंप्यूटर वाटसन के आधार पर बनाया गया है. वाटसन की कॉग्निटिव कंप्यूटिंग और नेचुरल लैंग्वेज की काबिलियत रखने वाले रॉस से हम अपने केस से जुड़े सवाल पूछ सकते हैं. माने पूछ लीजिए हम राह चलते किसी की नाक तोड़ दिए, कित्ते दिन को धरे जाएंगे.  ये रोबोट कानून की पढ़ाई कर सबूत इकठ्ठा कर नतीजा निकालेगा. और फिर सबूतों के आधार पर जवाब देगा. रॉस लगातार कानून पर नजर रखता है और लोगों को कोर्ट के नए फैसलों के बारे में बताता है. साथ ही रॉस वकीलों से सीखता भी है ताकि अगली बार अच्छे रिजल्ट्स दे सके.

ये स्टोरी 'द लल्लनटॉप' के साथ इंटर्नशिप कर रही जागृतिक ने एडिट की है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement