नेता भी हमारी तरह इंसान ही होते हैं, लेकिन उनका मानवीय पहलू इतना दुर्लभ है कि अगर कभी देखने को मिल जाए, तो लोग बड़े कौतूहल से देखते हैं. अच्छी बात ये है कि हमारे पास कुछ ऐसे नेता भी हैं, जिन्हें कुछ अच्छा करते देखना बड़ा स्वाभाविक लगता है. वैसे एक आशंका हमेशा बनी रहती है कि वो ये सब अच्छा दिखने या चुनावी वजह से कर रहे हों. खैर.
अखिलेश के घर में रिक्शा ले जाने वाले को देखिए क्या इनाम मिला
वायरल हुई ये फोटो देखी होगी, लेकिन पूरा माजरा क्या है?

घर में चाचा-पापा से जूझ रहे अखिलेश यादव ने गुरुवार को एक रिक्शेवाले की इतनी मदद की, जिसे देख-सुनकर दिल खुश हो गया. हुआ यूं कि गुरुवार को लखनऊ में यशभारती सम्मान समारोह हुआ, जिसमें पेटीएम (Paytm) के सीईओ विजय शेखर शर्मा भी शरीक हुए. यूपी सरकार ने उन्हें सम्मान के लिए चुना था. विजय लखनऊ में जब इवेंट के लिए सीएम आवास जा रहे थे, तभी उनकी कार ट्रैफिक जाम में फंस गई.
जब विजय को लगा कि वो कार से इवेंट में वक्त पर नहीं पहुंच पाएंगे, तो उन्होंने कार छोड़ दी. बाहर निकले और एक रिक्शेवाले को बुलाकर कहा, 'सीएम हाउस ले चलो.' रिक्शेवाले को तो पता नहीं था कि उसके रिक्शे पर कौन बैठा है. उसके लिए तो वो महज एक आम सवारी थी. उसने सोचा कि वो सवारी को सीएम हाउस के बाहर उतार देगा. लेकिन उसे भीतर तक चलने को कहा गया. वो विजय शेखर को सीएम हाउस के अंदर तक छोड़ आया. जब अखिलेश ने विजय को रिक्शे से आते देखा, तो उनसे मिले और फिर रिक्शेवाले से बात करने लगे.

वो रायबरेली का रहने वाला मणिराम था, जो रोटी की जद्दोजहद में लखनऊ आया था. न जाने अखिलेश उस समय किस मूड में थे, उन्होंने मणिराम को 6 हजार रुपए कैश दिए और एक ई-रिक्शा दिया. मणिराम को अपनी पत्नी के लिए समाजवादी पेंशन और लखनऊ में एक आवासीय क्वॉर्टर भी मिला. वो दो घंटे तक सीएम हाउस के अंदर रहा, जहां उससे उसके घर-परिवार और उसकी कमाई के बारे में पूछा गया. दो घंटे बाद जब वो सीएम हाउस से निकला, तो उसकी जिंदगी काफी हद तक आसान हो चुकी थी.
ट्विटर पर उस रिक्शेवाले की फोटो पोस्ट करते हुए अखिलेश ने लिखा, 'ट्रैफिक जाम की वजह से पेटीएम के सीईओ विजय शेखर शर्मा को हमारे पास रिक्शे से आना पड़ा. लखनऊ मेट्रो से शहर में जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा.' इसके बाद तो मणिराम जैसे कोई सिलेब्रिटी हो गया था. जब उससे बात की गई, तो उसने बताया, 'मैं कालीदास रोड पर बैठा बीड़ी पी रहा था. तभी एक सवारी ने मुझे बुलाया. मुझे नहीं पता था कि वो कौन है. मैंने सोचा कि मैं उन्हें मुख्यमंत्री के बंगले के बाहर छोड़ दूंगा, लेकिन वो मुझसे बोले कि अंदर चलो. वहां मैंने मुख्यमंत्री अखिलेश भइया को देखा और उन्होंने मुझसे बात की.'
ट्विटर पर अखिलेश की ये फोटो देखकर लोगों ने दिल खोलकर उनकी तारीफ की. किसी ने उन्हें हीरो बताया, तो किसी ने उनके ऐटिट्यूड को तारीफ की. कुछ लोगों ने मजाक में ये भी पूछ लिया कि अखिलेश ने उस रिक्शेवाले को पैसे किस तरह दिए, कैश में या पेटीएम से.
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