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'मोनू मानेसर को मार डालो' कहने वाला एहसान मेवाती कौन है?

नूह में सांप्रदायिक हिंसा से पहले एहसान मेवाती ने अपने वायरल वीडियो में क्या भड़काऊ बातें कही थींं?

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एहसान मेवाती के वीडियो के बाद भड़के दंगे? (साभार - ट्विटर)

नूह सांप्रदायिक हिंसा के लिए काफी हद तक सोशल मीडिया कॉन्टेन्ट को भी जिम्मेदार बताया जा रहा है. बीती 31 जुलाई को नूह में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की धार्मिक रैली निकलने से पहले भिवानी हत्याकांड के आरोपी मोनू मानेसर का वीडियो वायरल हुआ था. इसमें उसने जुलूस में शामिल होने की घोषणा की थी. आरोप लगा है कि मोनू मानेसर के इस एलान की वजह से माहौल बिगड़ा जो सांप्रदायिक उन्माद की वजह बना. मोनू मानेसर के अलावा एक और शख्स का नाम हिंसा भड़काने वाले लोगों में शामिल है. एहसान मेवाती पाकिस्तानी.

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नाम के पीछे पाकिस्तानी लगाने वाले एहसान मेवाती का मेवात या भारत के किसी दूसरे हिस्से से कोई संबंध नहीं है. वो पाकिस्तान में ही रहता है और भारत के खिलाफ भड़काऊ वीडियो डालता रहा है. नूह में हुई हिंसा के लिए भी एहसान मेवाती के एक वीडियो को जिम्मेदार बताया गया है. इसमें वो मोनू मानेसर को जान से मारने के लिए एक समुदाय को भड़का रहा है. वहीं दूसरे समुदाय को 'डरपोक[ बताते हुए गालियां दे रहा है.

वीडियो में क्या है?

वीडियो में एहसान मेवाती पाकिस्तानी की कुछ बातें अश्लील और गाली-गलौज से भरी हुई हैं. 31 जुलाई को दोपहर 1:28 बजे एहसान मेवाती ने फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया. इस वीडियो की शुरुआत में उसने मोनू मानेसर का वीडियो लगाया जिसमें वो अपने समुदाय के लोगों से धार्मिक जुलूस में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने को कह रहा है. 10 सेकंड के मोनू के वीडियो के बाद एहसान अपनी बात कहता है,

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‘ये मोनू मानेसर मेवात में यात्रा लेकर आ रहा है, और अगर ये मियों (मुस्लिमों) के साथ पंगाबाजी करता है, तो इसे मार दो, अगर ये आए तो. मारो या मरो. जंग है ये. ऐसे कब तक मरते रहेंगे, पहलू, जुनैद, नासिर... कितने लोग मरवा दिए, अब तो नाम भी याद नहीं हैं.’

वीडियो में एहसान पाकिस्तानी आगे कहता है,

‘मोनू मानेसर आ रहा है मेवात. वो तबाही मचा चुका है. मैं मेवात वालों से कहना चाहता हूं कि मोनू अपने पैरों पर आए, पर अपने पैरों पर जाना नहीं चाहिए. मैं सबसे ज्यादा हैरान इस बात से हूं कि हमारे मेवात का मुस्लिम डरा क्यों हुआ है. ये लोग आते हैं, पूजा-पाठ करते हैं. आएंगे, रैली-यात्रा निकालेंगे. इन्हें मदरसे-मस्जिद मिल जाएंगे तो तो उसके आगे नारा लगाएंगे, तोड़फोड़ करेंगे. इससे बेहतर है कि जैसे ही ये आएं, तुम ही इनको तोड़फोड़ दो.’

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इसके बाद 31 जुलाई शाम 5 बजे एहसान ने एक और वीडियो पोस्ट किया. इसमें एक समुदाय की रैली का वीडियो दिखाया गया. एहसान इस रैली पर अपनी खुशी जाहिर करता है. उसकी फेसबुक प्रोफाइल को और खंगाला गया तो उसमें और भी कई भड़काऊ भाषण मिले. सिर्फ फेसबुक पर ही नहीं, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर भी एहसान के कई वीडियो देखने को मिलते हैं. यूट्यूब पर इसका अपना चैनल भी है, जिसपर 80 हजार से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं. पहले ये सिर्फ वल्गर वीडियोज़ पोस्ट करता था. पर हालिया समय में इसने सांप्रदायिक कॉन्टेन्ट डालना शुरू कर दिया है.

कौन है एहसान मेवाती पाकिस्तानी? 

इंडिया टुडे से जुड़े अर्जुन देवड़िया और बालकृष्ण की रिपोर्ट के मुताबिक एहसान मेवाती पाकिस्तान में रहता है. फेसबुक पर इसने खुद को कहरोर पक्का तहसील का निवासी बताया है. ये इलाका पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पड़ता है. 31 जुलाई को यूट्यूब पर पोस्ट किए गए वीडियो में भी उसने अपनी लोकेशन पाकिस्तान बताई थी.

इंडिया टुडे ने एहसान मेवाती से बातचीत भी की है. इसमें उसने बताया कि वो कभी भारत नहीं आया, पर आना चाहता है. उसके मुताबिक उसके पूर्वज राजस्थान के अलवर से पाकिस्तान गए थे. बातचीत में एहसान ने बताया कि वो कहरोर पक्का तहसील स्थित बहावलपुर के एक गांव चांब मोर में रहता है. यूट्यूब पर वीडियोज़ डालने के अलावा वो खेती करता है. उसका भाई पाकिस्तान पुलिस में नौकरी करता है. एहसान का कहना है कि उसके पूर्वजों का मेवात से रिश्ता रहा है. उसने बताया कि वो मियो समुदाय से आता है और उसे मेवात से लगाव है.

वीडियो: नूह हिंसा पर हिंदू परिवार की बातें रोंगटे खड़ी कर देगी! मोनू मानेसर पर क्या कह दिया?

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