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सामान्य पेटदर्द और अपेंडिसाइटिस में फर्क कैसे करें? अपेंडिक्स फटने की नौबत आ सकती है

अपेंडिसाइटिस एक मेडिकल इमरजेंसी है. जिसे कमल हल्के में ले रहे थे, और आम पेटदर्द समझ रहे थे. पर किसी व्यक्ति को ये पता कैसे चलेगा कि उसके पेट में होने वाला दर्द, अपेंडिक्स से जुड़ा है. यही बताएंगे आज.

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पेटदर्द इग्नोर करना भारी पड़ सकता है

कमल 53 साल के हैं. आगरा में रहते हैं. पिछले कुछ दिनों से उन्हें पेट में बहुत दर्द हो रहा था. खासकर नाभि के आसपास. कभी दर्द में थोड़ा आराम मिलता. तो कभी तेज़ दर्द उठता. कई दिनों तक परेशान रहने के बाद, कमल डॉक्टर के पास गए. वहां जांच हुई तो पता चला कि उन्हें अपेंडिसाइटिस हो गया है. अपेंडिसाइटिस यानी अपेंडिक्स में सूजन और इंफेक्शन हो जाना. अपेंडिक्स उंगली के साइज़ की एक छोटी, नली जैसी थैली होती है. जो पेट के निचले दाहिने हिस्से में बड़ी आंत से जुड़ी होती है.

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अपेंडिसाइटिस एक मेडिकल इमरजेंसी है. जिसे कमल हल्के में ले रहे थे, और आम पेटदर्द समझ रहे थे. पर किसी व्यक्ति को ये पता कैसे चलेगा कि उसके पेट में होने वाला दर्द, अपेंडिक्स से जुड़ा है. यही बताएंगे आज. डॉक्टर से समझेंगे कि अपेंडिसाइटिस क्यों होता है. इसके लक्षण क्या हैं. सामान्य पेटदर्द और अपेंडिसाइटिस में फर्क कैसे करें. और अपेंडिसाइटिस का इलाज कैसे होता है.

अपेंडिसाइटिस क्यों होता है?

ये हमें बताया डॉक्टर आशीष गौतम ने. 

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डॉ. आशीष गौतम, प्रिंसिपल डायरेक्टर, रोबोटिक एंड लेप्रोस्कोपिक सर्जरी, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, नई दिल्ली

अपेंडिसाइटिस का मतलब है अपेंडिक्स में सूजन आ जाना. अपेंडिक्स पेट के अंदर मौजूद एक छोटा अंग होता है. ये एक ट्यूब जैसी संरचना होती है, जो बड़ी आंत से जुड़ी रहती है. जब अपेंडिक्स में सूजन या इंफेक्शन हो जाता है, तो उसे अपेंडिसाइटिस कहते हैं. 

अपेंडिसाइटिस की एक बड़ी वजह अपेंडिक्स में मल या खाने के छोटे कण फंस जाना हो सकता है. कुछ मामलों में शरीर में फैले इंफेक्शन की वजह से भी अपेंडिसाइटिस हो सकता है. बच्चों और बुज़ुर्गों को खासतौर पर ध्यान देने की ज़रूरत है. बच्चों में ओमेंटम पूरी तरह विकसित नहीं होता (ओमेंटम फैटी टिशूज़ की परत है, जो आंतों को ढकती है). इस वजह से बच्चों और टीनएजर्स में अपेंडिसाइटिस अचानक गंभीर रूप ले सकता है. इसी तरह, बुज़ुर्गों में भी इंफेक्शन बहुत तेज़ी से फैलता है. इसलिए बच्चों और बुज़ुर्गों में लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए.

अपेंडिसाइटिस के शुरुआती लक्षण

- पेट में तेज़ दर्द.

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- उल्टी आना.

- कभी-कभी दस्त लगना.

- अगर इंफेक्शन ज़्यादा बढ़ जाए, तो बुखार भी आ सकता है.

अगर किसी को तीव्र अपेंडिसाइटिस है, तो पेट के दाहिने हिस्से को दबाने पर बहुत तेज़ दर्द हो सकता है. खासकर जब दबाने के बाद हाथ हटाया जाता है, तब दर्द अचानक और ज़्यादा तेज़ महसूस होता है. डॉक्टर इसे 'रीबाउंड टेंडरनेस' कहते हैं. अपेंडिसाइटिस की पहचान में ये एक अहम संकेत माना जाता है.

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अपेंडिसाइटिस का मुख्य इलाज अपेंडिक्स को सर्जरी के ज़रिए निकालना है 
सामान्य पेट दर्द और अपेंडिसाइटिस में फ़र्क कैसे पहचानें?

अपेंडिसाइटिस में शुरुआत में दर्द नाभि के आसपास महसूस होता है. कुछ घंटों बाद ये दर्द पेट के दाहिने निचले हिस्से में पहुंच जाता है. ऐसा इसलिए, क्योंकि अपेंडिक्स पेट के दाहिने हिस्से में, बड़ी आंत से जुड़ा होता है. इसी वजह से बाद में दर्द दाईं तरफ ज़्यादा महसूस होने लगता है.

अपेंडिसाइटिस का इलाज

सिर्फ दवाइयों से अपेंडिसाइटिस का पूरी तरह इलाज नहीं हो पाता. इसका मुख्य इलाज अपेंडिक्स को सर्जरी के ज़रिए निकालना होता है. आजकल ये सर्जरी दूरबीन विधि यानी लैप्रोस्कोपिक या रोबोटिक तकनीक से की जाती है. ज़्यादातर मरीज़ों को सर्जरी के अगले दिन अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है. अपेंडिसाइटिस को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए. अगर अपेंडिक्स फट जाए, तो शरीर में गंभीर इंफेक्शन फैल सकता है और स्थिति खतरनाक हो सकती है.

अपेंडिसाइटिस है या नहीं, ये पता करने के लिए डॉक्टर ब्लड टेस्ट, अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन करते हैं. अगर अपेंडिसाइटिस हो, तो इलाज कराना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि अगर अपेंडिक्स फटा तो स्थिति जानलेवा हो सकती है.

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.) 

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