The Lallantop

राहुल गांधी की सांसदी बहाल होने से खुश कांग्रेस को झटका, BJP MP के मामले में 'खेला' हो गया

राहुल गांधी की सांसदी बहाल होने की खबरों के बीच कांग्रेस, बीजेपी के सांसद रामशंकर कठेरिया की संसद सदस्यता रद्द करने की मांग कर रही थी.

Advertisement
post-main-image
कठेरिया उत्तर प्रदेश के इटावा से सांसद हैं. (फोटो- ट्विटर)

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सांसदी सोमवार, 7 अगस्त को बहाल कर दी गई. इसके कुछ घंटों बाद कांग्रेस को झटका लगा. आप अचरज से पूछेंगे, क्या मतलब? दरअसल बीजेपी सांसद रामशंकर कठेरिया को 7 अगस्त के दिन बड़ी राहत मिली. आगरा जिला अदालत ने दंगा और चोट पहुंचाने के मामले में कठेरिया की सजा पर रोक लगा दी है. राहुल गांधी की सांसदी बहाल होने की खबरों के बीच कांग्रेस उनकी संसद सदस्यता रद्द करने की मांग कर रही थी. पार्टी की तरफ से वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने रामशंकर कठेरिया की संसद सदस्यता रद्द करने की मांग लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से की थी. हालांकि राहुल गांधी की तरह बीजेपी सांसद को भी कोर्ट से राहत मिल गई है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक आगरा जिला कोर्ट ने 5 अगस्त को दंगा और चोट पहुंचाने के मामले में कठेरिया को सजा सुनाई थी. उन पर 2011 में टॉरेंट पावर लिमिटेड के कर्मचारियों की पिटाई करने का आरोप लगा था. इसी मामले में उन्हें दो साल की सजा सुनाई गई थी. साथ ही उन पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया था.

कमलनाथ ने सदस्यता रद्द करने की मांग की थी

कठेरिया उत्तर प्रदेश के इटावा से बीजेपी के सांसद हैं. कमलनाथ ने कहा था कि कठेरिया की सजा राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों से भी ज्यादा गंभीर अपराध के लिए सुनाई गई है. सीनियर कांग्रेस नेता का कहना था,

Advertisement

“राम शंकर कठेरिया की सदस्यता रद्द की जानी चाहिए. कानून सबके लिए बराबर है. अब राहुल गांधी के मामले में सुप्रीम का फैसला भी आ गया है. कठेरिया ने जो किया और राहुल गांधी पर जो आरोप लगे, दोनों में बहुत बड़ा अंतर है.”

कठेरिया की सदस्यता पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय ने भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा, 

“राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता सजा सुनाए जाने के 24 घंटे के अंदर ही रद्द कर दी गई थी. अब देखना होगा कि कठेरिया की सदस्यता रद्द की जाती है या नहीं? देखते हैं कि लोकसभा स्पीकर कितनी निष्पक्षता से काम करते हैं.”

Advertisement

लेकिन सोमवार को आगरा जिला अदालत के जज ने ये कहते हुए कठेरिया की सजा पर रोक लगा दी कि मामले के एकमात्र पीड़ित ने कठेरिया की पहचान करने से इनकार कर दिया. जज ने कहा कि पीड़ित ने कठेरिया का नाम FIR में भी नहीं लिखवाया. इससे पहले कठेरिया ने मामले में चुनौती देते हुए कहा था कि पीड़ित के अलावा कोई "चश्मदीद गवाह" नहीं है. और कई गवाह अपने बयान से मुकर गए थे.

वीडियो: 'शेर वापस पलटकर...,' राहुल गांधी की संसद में वापसी पर इमरान प्रतापगढ़ी और डिंपल क्या बोले?

Advertisement