"अजित पवार के परिवार के सभी सदस्यों के नाम बेनामी संपत्तियां हैं. अजित पवार ने अपनी मां तक को नहीं छोड़ा. मां के नाम भी बेनामी संपत्ति बना ली. अजित पवार और शरद पवार के काले कारनामे सबके सामने आने ही चाहिए."
अनिल देशमुख के बाद अब महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार पर एक्शन, 1000 करोड़ की संपत्तियां जब्त
पवार परिवार पर बेनामी कानून का चाबुक.
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अजित पवार पर आयकर विभाग ने बेनामी कानून के तहत कार्रवाई की है. (फाइल फोटो.)
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की गिरफ्तारी की खबर ठीक से पकी भी नहीं थी कि राज्य से एक और बड़ी खबर आ गई. अजित पवार. महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम हैं. इनकम टैक्स विभाग ने अजित पवार के परिवार से कथित तौर पर जुड़ी 5 संपत्तियों को सीज़ कर दिया है. इनकी कीमत 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है.
किन संपत्तियों पर एक्शन?
आयकर विभाग ने बेनामी संपत्ति कानून के तहत ये कार्रवाई की है. इसके तहत महाराष्ट्र के अलावा दिल्ली और गोवा में भी संपत्तियों को प्रोविजनली सीज किया गया है. जिन प्रॉपर्टीज को आयकर विभाग ने जब्त किया है, उनमें शामिल हैं- 1. जरंदेश्वर शुगर फैक्ट्री, महाराष्ट्र. मार्केट वैल्यू- 600 करोड़
2. साउथ दिल्ली में फ्लैट, कीमत करीब 20 करोड़
3. अजित पवार के बेटे पार्थ पवार का निर्मल ऑफिस, कीमत 25 करोड़
4. गोवा में निलय रिजॉर्ट, अनुमानित कीमत 250 करोड़
5. महाराष्ट्र में 27 जगहों पर अलग अलग जमीनें, बाजार कीमत करीब 500 करोड़
क्या है पूरा मामला
अजित पवार काफी समय से आईटी के रडार पर हैं. आजतक की खबर के मुताबिक, पिछले महीने 7 अक्टूबर को आयकर विभाग ने दो रियल एस्टेट ग्रुप और अजित पवार के रिश्तेदारों के ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस दौरान अजित पवार के बेटे पार्थ पवार की कंपनी अनंत मर्क्स प्राइवेट लिमिटेड की भी जांच पड़ताल की गई थी. पार्थ के पास इस कंपनी का मालिकाना हक है. इसके अलावा अजित पवार की तीन बहनों की कंपनियों पर भी टैक्स चोरी के आरोप में छापेमारी की गई थी. इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई मुंबई के अलावा पुणे, सतारा, कोल्हापुर और दौंडी में चली थी. इस दौरान 184 करोड़ की संपत्ति का पता लगाने का दावा किया गया था. आयकर विभाग की कार्रवाई पर बीजेपी के किरीट सोमैया ने अजित पवार पर तीखा हमला किया. उन्होंने आरोप लगाया कि-
हालांकि पिछले महीने आयकर विभाग की कार्रवाई के दौरान अजित पवार ने अपने ऊपर लग रहे आरोपों को गलत बताया था. उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोंग का आरोप लगाते हुए कहा था कि हम हर साल पूरा टैक्स भरते हैं. कहीं कोई गड़बड़ी नहीं है. बता दें कि इससे पहले महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को ईडी ने 12 घंटे तक चली पूछताछ के बाद सोमवार-मंगलवार की आधी रात को गिरफ्तार कर लिया था. उन पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है.
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