वैलेंटाइन स्ट्रासर अफ्रीका का सबसे कम उम्र का मिलिट्री रूलर था. सियरा लियोन का. 29 अप्रैल 1992 को वो 25 साल की उम्र में पावर में आया था और चार साल काम किया.छह और मिलिट्री अफसर थे इनके साथ. जोसेफ सैदू मोमोह था का छह साल पुराना राज-काज समेट दिए. नेशनल रेडियो पर वैलेंटाइन स्ट्रासर बोले कि वो इस देश की बागडोर अपने हाथ ले रहे हैं.24 साल से जनता इनके पहले वालों से तंगाई थी. अब खुश हुई. जनता ने शुरू में इनका खूब स्वागत किया. काम भी ढ़ंग से शुरू हुआ. इनने मिलकर National Provisional Ruling Council बनाया देश चलाने को. बात तो ये भी चलती कि ये चुनी हुई सरकार को सत्ता दे देंगे. उस टाइम इनका फुल भौकाल था.
काला चश्मा पहनकर घूमते, ब्लेजर चमकाते, अय्याशी करते. महंगी कार चमकाते. पर ज्यादा दिन ये सब चला नहीं. सन 96 में वहां चुनाव हुए. इनके दिन जाते रहे. लड़ने चले थे लेकिन राष्ट्रपति का चुनाव हार गए. बस ये मानो मरे भर नहीं. बच-बचाकर गुएना भाग गए. यूएन से बात चली कि हमको पढने इंग्लैंड जाने दो. यूनिवर्सिटी ऑफ वारविक में पढ़े लेकिन प्रोटेस्ट होने लगे कि ये तानाशाह है. और लोगों को मारा है इसलिए पूरा पढ़ न पाया.
अब हाथ में कुछ न था, वहां से गाम्बिया भागा. वहां कुछ लोगों ने उस पर हमला कर दिया. उनके घर वालों को इसने 1992 में मारा था. गाम्बिया की सरकार ने भी उसको भगा दिया. झक मारकर घर लौटना पड़ा.

Buzzfeed
अब वापिस वो सियरा लियोन में आकर रहता है. 49 साल का हो गया है. अगल-बगल के बालक उसकी खिल्ली उड़ाते हैं. उस पर पत्थर फेंकते हैं. शराब पीता है. फटेहाल रहता है.










