इस लेटर का हिंदी तर्जुमा हम आपको नीचे पढ़वा रहे हैं-
जीत के पीछे भागते-भागते हम ये भूल जाते हैं कि लोगों का प्यार हमारे लिए कितना मायने रखता है. इस प्यार का एहसास हमें तब होता है, जब हम किसी बुरे दौर से गुज़र रहे होते हैं. ज़िंदगी के सफर में जब मैं पलटकर अपने पैरों के निशान देखता हूं, तो मैं एक पल ठहर जाना चाहता हूं. और उन ठहरे पलों में आपका शुक्रिया अदा करना चाहता हूं. आपके बेशुमार प्यार और साथ के लिए, जिसने ठीक होने में मेरी मदद की. मैं अपना वो सफर पूरा कर वापस आपके पास आ गया हूं. तहे दिल से आप सबका शुक्रिया.अपनी बीमारी के दौरान भी इरफान ने एक खत लिखा था, जिसमें उन्होंने अपनी इस बीमारी को, उस समय को, उस समय अपने भीतर उठ रही बातों को समझने की एक कोशिश की थी. उनके उस खत का एक छोटा सा अंश आपको नीचे पढ़वा रहे हैं:
इस हड़बोंग, सहम और डर में घबराकर मैं अपने बेटे से कहता हूं- आज की इस हालत में मैं केवल इतना ही चाहता हूं. मैं इस मानसिक स्थिति को हड़बड़ाहट, डर, बदहवासी की हालत में नहीं जीना चाहता. मुझे किसी भी सूरत में मेरे पैर चाहिए, जिन पर खड़ा होकर अपनी हालत को तटस्थ हो कर जी पाऊं. मैं खड़ा होना चाहता हूं. ऐसी मेरी मंशा थी, मेरा इरादा था… कुछ हफ़्तों के बाद मैं एक अस्पताल में भर्ती हो गया. बेइंतहा दर्द हो रहा है. यह तो मालूम था कि दर्द होगा, लेकिन ऐसा दर्द… अब दर्द की तीव्रता समझ में आ रही है…कुछ भी काम नहीं कर रहा है. ना कोई सांत्वना और ना कोई दिलासा. पूरी कायनात उस दर्द के पल में सिमट आई थी… दर्द खुदा से भी बड़ा और विशाल महसूस हुआ. मैं दर्द की गिरफ्त में हूं. और फिर एक दिन यह अहसास हुआ… जैसे मैं किसी ऐसी चीज का हिस्सा नहीं हूं जो निश्चित होने का दावा करे… ना अस्पताल और ना स्टेडियम. मेरे अंदर जो शेष था वह वास्तव में कायनात की असीम शक्ति और बुद्धि का प्रभाव था… मेरे अस्पताल का वहां होना था. मन ने कहा…केवल अनिश्चितता ही निश्चित है.इरफान का लिखा ये पूरा खत यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं. अगर वर्क फ्रंट पर देखें, तो इरफान की बीमारी के दौरान उनकी फिल्म 'कारवां' रिलीज़ हुई थी, जो उन्होंने बीमार होने से पहले शूट कर ली थी. उसके बाद से मामला ठंडा पड़ा हुआ था. लेकिन अब इरफान जल्द ही अपनी अगली फिल्म 'इंग्लिश मीडियम' की शूटिंग शुरू करने वाले हैं. इस फिल्म से जुड़ी तमाम जानकारियों के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.
वीडियो देखें: इरफान किस बीमारी से जूझ रहे थे?














