
ABG शिपयार्ड पर कथित तौर पर बैंकों के बकाया की लिस्ट.
FIR के मुताबिक कंपनी ने जिस काम के लिए कथित तौर पर लोन लिया था, उसकी जगह दूसरे कामों में पैसों का इस्तेमाल किया. SBI ने 2016 में लोन को NPA की लिस्ट में डाल दिया था. लेकिन 8 नवंबर 2019 को बैंक ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया. जिसपर CBI ने 12 मार्च, 2020 को स्पष्टीकरण मांगा था. बैंक ने उसी साल अगस्त में एक नई शिकायत दर्ज कराई. CBI के बयान के मुताबिक, 12 फरवरी को जांच एजेंसी ने कंपनी और उससे जुड़े आरोपियों के 13 ठिकानों पर छापेमारी की.
CBI ने ऋषि अग्रवाल के अलावा कंपनी के तत्कालीन कार्यकारी निदेशक संथानम मुथास्वामी, निदेशक अश्विनी कुमार, सुशील कुमार अग्रवाल और रवि विमल नेवेतिया और एबीजी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है. कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा इधर इस कथित घोटाले पर देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस की प्रतिक्रिया आई है. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और दिग्गज नेता रणदीप सुरजेवाला ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुरजेवाला ने कहा कि ABG शिपयार्ड द्वारा किया गया घोटाला प्रधानमंत्री मोदी की प्रत्यक्ष और परोक्ष सहमति से हुआ है. सुरजेवाला ने ये भी कहा कि मोदी सरकार 'लूटवाओ और भगवाओ' नाम की फ्लैगशिप योजना चला रही है. उन्होंने आगे कहा कि मोदी सरकार के साढ़े सात साल के कार्यकाल के दौरान देशभर में 5 लाख 35 हजार करोड़ के बैंक घोटाले हुए हैं.

कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला.
ABG प्राइवेट लिमिटेड बीते 16 सालों में 165 से ज्यादा जहाज बना चुकी है. जिसमें 45 दूसरे देशों के लिए बनाए हैं. कंपनी के सूरत शिपयार्ड में 18,000 डेड वेट टन और दाहेज शिपयार्ड में 1,20,000 डेड वेट टन की क्षमता है. कंपनी को NCLT यानी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल को रिफर कर दिया गया था और NCLT ने बैंक को उसकी एक निजी संपत्ति बेचने की इजाजत दे दी थी.










