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केजरीवाल ने कहा पंजाब का सीएम पंजाबी होगा, लेकिन एक लूपहोल है

पटियाला में केजरीवाल ने ऑफिशियली तीसरी कसम खाई है. जिसके टूटने के पूरे आसार हैं.

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फोटो - thelallantop
पंजाब के मोहाली में दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ओवर एक्साइटेड हो गए. कह दिया कि अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनाने के लिए वोट दीजिए. बवाल मच गया भाइयों बहनों. केजरीवाल ने आज यानी बुधवार को सब शुद्ध कर दिया. पटियाला में स्पीच दी जिसमें कहा कि वो दिल्ली के मुख्यमंत्री रहेंगे. पंजाब का मुख्यमंत्री पंजाब से होगा. हां पंजाब से जो वादे किए हैं, वो निभाने की मेरी जिम्मेदारी है. लेकिन कदरदान साहिबान इस मसले में एक पेंच है. वो हैं स्वयं अरविंद केजरीवाल और उनकी कसमें. इतिहास साक्षी है (ये लाइन बड़ी मारक है, बात में वजन लाती है मामला भले दो महीने पुराना हो) कि केजरीवाल की कसमें टूटने के लिए ही होती हैं. अब फ्री वाई फाई वाले भिखारी गाना न गाएं कि "वादे पे तेरे मारा गया बंदा मैं सीधा सादा." प्लीज यार ये चिरकुटई बंद करो. हम बड़े लेवल की बात बता रहे हैं और तुम सनी लियोनी के भक्त फोकट नेट के पीछे पड़े हो. बात वादों की. ऑफिसियली देखा जाए तो ये केजरीवाल की तीसरी कसम है. पहली कसम उन्होंने अपने बच्चों की खाई थी. कि धरती फट जाए चाहे या आसमान में ग्रीस पोत जाए. कांग्रेस का समर्थन नहीं लेंगे. मौका था पहली बार दिल्ली में जीत का. 'आप' ने 28 सीटें जीती थीं. मेजोरिटी थी नहीं. तो कांग्रेस ने बिना शर्त समर्थन पेश किया. 'आपने' लपक लिया और सरकार बना ली. हालांकि बाद में इस्तीफा दे दिया. ये सब कुछ हुआ था "जनता से पूछकर." Arvind_Kejriwal_resignation_announcement दूसरी कसम थी कि दिल्ली छोड़कर नहीं जाएंगे. फिर 2014 में लोकसभा चुनाव हुए और वादा टूट गया. वाराणसी से नरेंद्र मोदी के खिलाफ लड़ने के लिए कूद गए. जनता से पूछने का टाइम नहीं था. जल्दी जल्दी में सब हो गया. खैर वहां गंगा मैया ने सिर्फ मोदी जी को बुलाया था. तो इनको वापस कर दिया. ArvindKejriwal_Varansi_PTI फिर ये चुनाव आ गए हैं. विधानसभा वाले. इसमें गोवा और पंजाब ने केजरीवाल को बुला लिया है. जनता से पूछकर गए हैं. वैसी कोई बात नहीं है. पेंच ये है कि मनीष सिसोदिया ने जो बात कही वो बिना सिर पैर की तो होगी नहीं. हो सकता है पब्लिक का मन लेने के लिए कही हो. लेकिन पब्लिक से पहले विपक्षी टिंचर देने लगते हैं इसके लिए केजरीवाल ने कटती पतंग को लपेट लिया. अब बात पेंच की. सोचो अगर पंजाब का मुख्यमंत्री बनने के लिए जनता से राय मांग ली तो क्या होगा? पंजाब की जनता कहेगी "आइए आइए." दिल्ली की जनता कहेगी "जाइए जाइए." फिर तो मजबूरन वहां पदभार लेना ही पड़ेगा न.
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