गुजरात के उना जिले के नाधेर गांव जो कि गिर के जंगल से जुड़ा हुआ है. जंगल से जुड़े होने की वजह से यहां आए दिन शेर के रिहायशी इलाके में आने की खबरें जंगल विभाग को मिलती हैं. लेकिन इस बार की खबर थोड़ी सी अलग है. खबर ये है कि एक शेर का बच्चा अपने परिवार से बिछड़ कर दूर के एक खेत में आ गया था. खेत में काम करने वाले लोगों ने जब बच्चे को देखा तो समझ गए कि ये अपने परिवार से बिछड़ गया है. उन्हें बच्चे पर रहम आ गया. फिर उन लोगों ने शेर के परिवार को ढूंढ़ना शुरू कर दिया. साथ ही जंगल विभाग को भी इस बात की जानकारी दी. इसके बाद वन विभाग के अधिकारियों ने अपने कर्मचारियों को इस मामले को लेकर अलर्ट कर दिया.

बिछड़ा हुआ शावक
इसी दौरान वन विभाग वालों को जानकारी मिली कि पास के एक गांव के इलाके में शेर और शेरनी अपने 8 बच्चों के साथ रह रहे थे. जो कि अब सिर्फ सात ही हैं. इस जानकारी के मिलने के तुरंत बाद वन विभाग वाले शावक को शेरनी के नजदीक लेकर गए. शेर का बच्चा तुंरत ही अपने परिवार के पास पहुंच गया. और फुदकने लगा. वन विभाग के मुताबिक शेर का ये बच्चा दो से तीन महीने का है. पर जिस तरह गांव वालों ने शेर के इस बच्चे के लिए इंसानियत दिखाई, वो बहुत ही काबिले तारीफ है.
ये स्टोरी आदित्य प्रकाश ने की है