ये करते क्या थे कि कुछ 'खूबसूरत महिलाएं' कई लोगों के साथ मिलकर रईस लोगों को अपने गिरोह में फंसाती थीं. इस रैकेट के लोग प्रोफेशनल की तरह काम करते थे. उनके अलग-अलग काम फिक्स थे. पहली कड़ी ये लड़कियां थीं. कई NRI, देहरादून की एक लड़की के अलावा दर्जन भर लोगों को अरेस्ट किया गया है. सबसे बड़ी बात ये कि इस रैकेट में कई पुलिस अफसर, पत्रकार और एडवोकेट भी शामिल हैं.स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की टीम ने इन लोगों पर कार्रवाई की है. मामला सामने आने के बाद कई लोगों ने कहा कि इस रैकेट ने उन्हें अपना शिकार बनाया है. इन लोगों ने धन्ना सेठों को 25 करोड़ से ज्यादा का चूना लगाया है.
पूरा मामला
अभी जो लड़कियां पकड़ी गई हैं उनमें हांगकांग की रवनीत कौर उर्फ़ रूबी शर्मा और देहरादून की कल्पना हैं. ये लोगों को फंसाने का काम करती थीं. ये लोग राजस्थान के उद्योगपति, होटल वालों, बिल्डर, डॉक्टर, सीए लोगों का गला पकड़ती थीं. पुलिस ने कोटा से रवनीत कौर माने रूबी को गिरफ्तार किया. रूबी ने एमबीए किया हुआ है और इस रैकेट का हिस्सा थी. ये ब्रिटेन में भी रह आई है और इसके पिता हांगकांग में काम करते हैं. 6 साल पहले यहां पढ़ाई करने आई थी. इसी गैंग के ही अक्षत शर्मा के करीब आई. अक्षत के साथ मिलकर रूबी लोगों को फाइव स्टार होटल में बुलाती थी.
जब ये फंसे हुए 'बकरे' होटल के कमरे में पहुंचते थे तो गिरोह के लोग कमरे में आ जाते थे. पहले एक एडवोकेट और पुलिस वाले यहां पहुंचते थे. FIR दर्ज करने की धमकी देते थे. उसके बाद बिचौलिए आनंद शांडिल्य और विजय रकम मांगते थे. इसके लिए वो समझौता करवाने की बात करते थे. अब तक इस रैकेट के 25 करोड़ रुपयों का खुलासा हुआ है, जिसमें 4 करोड़ इस लड़की ने कमाए हैं.
रूबी इन पैसों से खुद और पति के लिए महंगी चीजें खरीदती थी. रूबी के पति का नाम रोहित है. उसने कहा कि उसे इस बारे में कुछ पता नहीं है. कुछ सालों पहले रूबी की शादी हुई थी और वो कोटा चली गई. देहरादून से एक और लड़की कल्पना इस ब्लैकमेलिंग में शामिल थी. उसे देहरादून से अरेस्ट किया गया है. किसे अपना शिकार बनाना है, ये खोजने का काम अक्षत और आनंद शांडिल्य करते थे. जब ये सब पैसे पा जाते थे तो मौज काटने विदेश निकल जाते थे. ये लोग एक आदमी से कम से कम डेढ़ करोड़ रूपए लेते थे.
पुलिस का आदमी भी था शामिल
सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात कि इस रैकेट ने पुलिस थाने के एक एसएचओ को भी मिला रखा था. इसकी मदद से ये लोग फंसे हुए आदमी को FIR दर्ज करने को लेकर धमकाते थे. बाद में बिचौलिए आ जाते थे और कहते थे लड़की को पैसे से दो, कुछ नहीं होगा. इसके बदले में लड़की स्टाम्प पेपर पर लिख कर देती थी कि जो कुछ भी हुआ, मेरी मर्जी से हुआ और मैं कोई शिकायत नहीं करना चाहती हूं. जो पैसे देने से मना करता था उसे ये रेप के केस में फंसा देते थे.पकड़ में कैसे आए?
एक लड़की रश्मि शर्मा ने एक डॉक्टर को झांसा दिया. वो पुष्कर के एक फाइव स्टार रिजॉर्ट में गए. डॉक्टर से डेढ़ करोड़ रूपए मांगे गए लेकिन डॉक्टर 80 लाख से ज्यादा नहीं दे पाया. इसके लिए डॉक्टर पर इन्होंने रेप का मुकदमा दर्ज करवा दिया. डॉक्टर गिरफ्तार हो गया. जेल से आने के बाद डॉक्टर ने इनके खिलाफ शिकायत की. इसके बाद इस रैकेट के आनंद शांडिल्य को गिरफ्तार कर लिया गया. आनंद शांडिल्य गैंगस्टर आनंद पाल का साथी है.
शांडिल्य को स्पेशल ऑपरेशन की टीम ने गिरफ्तार किया. इसके बाद पूरे रैकेट के बारे में पता चला. इस गैंग ने अपना जाल दिल्ली, गुजरात और मध्य प्रदेश में भी फ़ैला रखा था. गैंग के चार लोग फरार चल रहे हैं और पांच लड़कियों की तलाश चल रही है. दिमाग तो बहुत लगा रखा था उन्होंने लेकिन इनकी स्क्रिप्ट थोड़ी पुरानी हो चुकी थी, इसलिए पकड़ में भी आ गए. ये स्टोरी निशांत ने की है.













