एक आदमी का एक्सीडेंट हो गया हो. वो घायल पड़ा हो. बचेगा कि नहीं पता नहीं और कोई जाकर उसके सामने माइक लगा दे. उससे सवाल करने लगे? ऑन कैमरा. कैसा लगेगा?
आदमी मर रहा था और रिपोर्टर उसके मुंह पर माइक लगाकर सवाल पूछ रही थी
वीडियो वायरल हो गया.
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फोटो - thelallantop
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फिर आपको ये भी पता चले कि जितनी देर उसका 'इंटरव्यू' लिया जा रहा था उतनी देर में उसकी मदद कर दी जाती तो वो बच जाता. बाद में उसके मरने की खबर आए तो? जाहिर है रोएं खड़े हो जाएंगे. ऐसा ही हुआ अमेरिका महाद्वीप के एक छोटे से देश एल सल्वाडोर में. एक रिपोर्टर ने ठीक ऐसा ही किया. एक शख्स की जिंदगी और मौत के बीच रिपोर्टर के सवाल खड़े हो गए, जिसकी वजह से मौत ने उस शख्स को अपनी तरफ खींच लिया. इसका वीडियो भी सामने आया है. ऐसा कई बार होता है कि रिपोर्टर खतरनाक जगहों से जान जोखिम में डालकर रिपोर्टिंग करते हैं. उनकी तारीफ़ भी होती है लेकिन कई बार उन्हें पता ही नहीं होता कि वो कर क्या रहे हैं? इसकी वजह से लोग उनसे उखड़ जाते हैं. आम लोगों को लगता है कि महज टीआरपी और ज्यादा व्यूज के लिए कोई ऐसा कैसे कर सकता है?
जिस शख्स को टक्कर मारी थी वो ज़मीन पर पड़ा कराह रहा था. उसे गंभीर चोट आई थी. उसकी पीठ में घाव हो गया था जो वीडियो के अंत में भी दिखता है. इतने में एक महिला अपने माइक और कैमरे के साथ उसके पास पहुंच गई और इस हालत में उससे सवाल पूछने लगी. कोई भी शख्स ऐसा करने से पहले दो बार सोचेगा भले ही ये उसके रोजी-रोटी का सवाल हो.
फिर मसला सिर्फ ये नहीं है कि वो सवाल पूछ रही थी. मसला ये भी है कि उसके सवाल चौंकाने वाले थे. उसने इस शख्स से पूछा कि क्या तुम चाहते हो कि तुम्हें हॉस्पिटल ले जाया जाए? किसी शख्स को जिसे हॉस्पिटल की उस वक्त सबसे ज्यादा ज़रुरत हो, उससे इस तरह का सवाल पूछना, ये तो निहायत ही बेहूदा है. पढ़िए, उसने क्या पूछा-
पूरा मामला
सल्वाडोर में एक ट्रक ने एक शख्स को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर कितनी जोरदार थी, ट्रक की हालत देख कर जान लीजिए.
जिस शख्स को टक्कर मारी थी वो ज़मीन पर पड़ा कराह रहा था. उसे गंभीर चोट आई थी. उसकी पीठ में घाव हो गया था जो वीडियो के अंत में भी दिखता है. इतने में एक महिला अपने माइक और कैमरे के साथ उसके पास पहुंच गई और इस हालत में उससे सवाल पूछने लगी. कोई भी शख्स ऐसा करने से पहले दो बार सोचेगा भले ही ये उसके रोजी-रोटी का सवाल हो.
फिर मसला सिर्फ ये नहीं है कि वो सवाल पूछ रही थी. मसला ये भी है कि उसके सवाल चौंकाने वाले थे. उसने इस शख्स से पूछा कि क्या तुम चाहते हो कि तुम्हें हॉस्पिटल ले जाया जाए? किसी शख्स को जिसे हॉस्पिटल की उस वक्त सबसे ज्यादा ज़रुरत हो, उससे इस तरह का सवाल पूछना, ये तो निहायत ही बेहूदा है. पढ़िए, उसने क्या पूछा-
शख्स कराहते हुए कहता है- उन्होंने मुझे टक्कर मारी. मुझे दर्द हो रहा है. रिपोर्टर- तुमने गाड़ी नहीं देखी? शख्स- नहीं रिपोर्टर- तुम चाहते हो कि तुम्हें हॉस्पिटल ले जाया जाए? कराहते हुए वो कुछ कहने की कोशिश करता है. शायद उसके मुंह से 'नो' निकलता है. रिपोर्टर- वैसे तुम कहां जा रहे थे? शख्स कुछ बोल नहीं पाता है लेकिन उसके मुंह से 'हॉस्पिटल' शब्द सुनाई देता है. ये उसके जवाब से ज्यादा उसकी इच्छा लगती है.यहां ये वीडियो देख सकते हैं. https://www.youtube.com/watch?time_continue=21&v=rrakQ819cfk ये तो कहा नहीं जा सकता कि ये हत्या थी या एक्सीडेंट लेकिन साथ ही ये भी बता दिया जाए कि मानवाधिकार और हत्याओं के मामले में सल्वाडोर का रिकॉर्ड बहुत खराब है. इसे अपराध के लिहाज से दुनिया के सबसे खतरनाक देशों में से एक माना जाता है. इस देश में मानवाधिकार की हालत ख़राब है. हालत ये है कि 12 जनवरी को इस साल देश में एक भी हत्या नहीं हुई तो ये खबर बन गई. 2017 के शुरूआती दस दिनों में यहां 99 मर्डर दर्ज किए गए हैं. ऐसे में रिपोर्टर को भी मानवाधिकार से कोई मतलब नहीं है. इसलिए ये बात और भी चौंकाने वाली है. इस तरह की बातें अक्सर कही जाती रही हैं कि आदमी मरने वाला हो तो भी कई रिपोर्टर जाकर पूछ आते हैं कि आपको कैसा लग रहा है? और इस रिपोर्टर ने इसे साबित कर दिया.
मौत को इस तरह बेचने से बचा जा सकता है. सिर्फ इंसानियत के लिए.
ये स्टोरी निशांत ने की है.
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