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लड़कियों के टॉयलेट में खींची फोटो क्यों वायरल हो रही है?

फ्लोरिडा के सेंट पीट्सबर्ग शहर से एक तस्वीर चली है. पूरी दुनिया के साथ इंडिया में भी खूब वायरल हो रही है. और ये तस्वीर खींची गई है लड़कियों के टॉयलेट में.

अब देखिए ये तस्वीर जो वायरल हो रही है.

jennifer

इबेरियन रूस्टर नाम के इस रेस्टोरेंट कम बार में लड़कियों के टॉयलेट में एक सीक्रेट नोटिस लगा था. नोटिस ये कहता है कि अगर आपकी डेट ख़राब जा रही है, यानी जिस लड़के के साथ आप आई हैं, उसके साथ आपको सुरक्षित महसूस नहीं हो रहा है, तो बार में जाकर एक ‘एंजल शॉट’ ऑर्डर कर दीजिए. अगर ऑर्डर के साथ ‘नीट’ बोलेंगी तो बारटेंडर आपको आपकी गाड़ी तक छोड़कर आएगा. अगर ‘विद आइस’ कहेंगी तो वो आपके लिए ऊबर कैब या गाड़ी बुला देगा. और अगर ‘विद लाइम’ बोलेंगी तो वो आपके लिए पुलिस को बुला देगा.

लड़कियों ने रेस्टोरेंट के इस कदम को काफी सराहा है. कहा है अगर हर ‘बार’ ऐसा करने लगे तो लड़कियां किसी अनजान लड़के के साथ शराब पीते हुए खुद को काफी सेफ महसूस करेंगी. उन्हें ये पता होगा कि वो अकेली नहीं हैं और रेस्टोरेंट के स्टाफ को अपने साथ पाएंगी.

रेस्टोरेंट का ये कदम बहुत बढ़िया है. सच में, अगर इंडिया में इतनी खुली सोच वाले हो जाएं कि औरतों का शराब पीना नॉर्मल समझने लगें, तो बात ही क्या हो. और ये समझ जाएं कि शराब पीना औरतों की गलती नहीं, उनका अधिकार है. और अगर ऐसे वक़्त में कोई उन्हें तंग कर रहा है तो औरतों की मदद करना उनका फ़र्ज़ है. इसलिए नहीं कि औरतें कमजोर हैं. बल्कि इसलिए कि वो लड़की उनकी कस्टमर है. और अपने कस्टमर की मदद करना एक अच्छा काम है.

लेकिन एक प्रॉब्लम है

कई लोगों ने इस फोटो के शेयर होने पर शंका जताई है. जो वैलिड भी है. कि अगर ये फोटो इतनी ज्यादा शेयर हो गई तो हर मर्द भी उसे देख लेगा. ऐसे में औरत के बारे में बुरी नीयत रखने वाले को पता चल जाएगा कि लड़की मदद मांग रही है या पुलिस बुला रही है. और सीक्रेट फोटो सीक्रेट नहीं रह जाएगी. फोटो को वायरल करते ही फोटो का उद्देश्य मर जाता है.

कुछ लोगों ने ये भी लिखा है कि कोई आदमी एक औरत को हैरेस करने के लिए बार में क्यों लाएगा. और लाएगा भी तो वहां तो वैसे भी बाउंसर मौजूद रहते हैं.

पर ये करना अच्छा होगा

अच्छा होगा कि सिर्फ किसी लड़के से खतरा महसूस करने पर ही नहीं, बल्कि नशा अधिक हो जाने पर लड़की सीक्रेट भाषा में स्टाफ से कह सके कि उसे घर तक जाने के लिए कैब चाहिए. और हर रेस्टोरेंट का कोड वर्ड अलग हो. वैसे तो रेस्टोरेंट्स में ये हाल है कि जब बारटेंडर बार मेन्यू लाता है, तो उसे पुरुष के सामने रख देता है. यहां तो लोग सोच ही नहीं पाते कि लड़कियां भी अपनी मर्ज़ी से शराब पियेंगी. अगर बेंगलुरु में इस तरह का सिक्योरिटी सिस्टम होता तो वहां लड़कियों के साथ जो हुआ, न हुआ होता.


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