
ये बाजार में पड़े कचरे का ढेर है. लोगों ने जिला प्रशासन से बार-बार इसकी शिकायत की थी (फोटो: ANI)
मॉनसून में कूड़े का ढेर और तंग करता है बशीर साहब यहां बाजार में निकले थे. इंस्पेक्शन के लिए. उन्हें लोगों की शिकायत मिली थी. कि बाजार में कूड़े का ढेर पड़ा गंधाता रहता है. फल-सब्जियां. सब पड़ी सड़ती रहती हैं. इसकी वजह से लोगों को दिक्कत होती है. मच्छर, मख्खियां. गंध अलग. मॉनसून भी आ चुका है. बारिश के मौसम में कूड़ा और ज्यादा सड़ता और तंग करता है. ए एम बशीर इन्हीं शिकायतों का जायजा लेने बाजार पहुंचे. उन्होंने कूड़े का ढेर देखा. हटवाने की कोशिश की. फिर उन्होंने क्या किया कि कुर्सी मंगवाई. नाक पर मास्क बांधा. और कुर्सी पर बैठ गए. बोले, जब तक कूड़ा नहीं हटता तब तक ऐसे ही बैठा रहूंगा.

परमेश्वरन ये संदेश देना चाहते थे कि शौचालय साफ करना कोई घृणित काम नहीं है. इसे रोजमर्रा के बाकी कामों की तरह किया जाना चाहिए. गांवों में अक्सर ये वाले शौचालय बनाए जाते हैं. गड्ढा भर जाता है, तो उसके अंदर जमा हुआ मल खाद बन जाता है.
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