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दिल्ली के एक लड़के के साथ बेरहमी से रेप किया गया है और रेपिस्ट को कोई सजा नहीं होगी

ये भारतीय कानून है जनाब.

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फोटो - thelallantop
रेप की खबरें आए दिन सुर्खियां बनती हैं. लड़कियों के रेप की आए दिन ख़बरें कानों में पड़ती हैं, आंखों के आगे से गुजर जाती हैं. पर शायद ही कभी लड़कों के साथ होने वाले रेप पर चर्चा होती है. और ऐसी चर्चा कहीं हो भी गई तो लोग हैरानी से देखने लगते हैं. और ज्यादातर लोग यकींन नहीं करते हैं. इंडिया में तो हम मेल पैर पर बात नहीं करते. लेकिन अमेरिका की एक रिसर्च में सामने आया है कि 5% लड़के रेप के शिकार होते हैं. मतलब कि हर 20 लड़कों में से 1 लड़का रेप का शिकार होता है. और इनके साथ रेप करने वालों में 90 फीसदी पुरुष ही होते हैं. ये आंकड़ा अमेरिकी रिसर्च स्टडी CDS का है. ऐसा ही एक मामला इस समय खबरों में है. दिल्ली के एक समलैंगिक लड़के को किडनैप कर उसके साथ बेरहमी के रेप किया गया.  रेप करने वाले लड़कों ने नशे की इंजेक्शन देकर उसके साथ रेप किया. हमारे देश के कानून के मुताबिक उस लड़के के साथ जो हुआ, वो रेप के दायरे में नहीं आता है. हम जेंडर इक्वलिटी और जेंडर आइडेंटिटी के लिए लड़ाई तो लड़ते हैं. लेकिन हमारा लीगल सिस्टम इन मुद्दों पर हमेशा हमें सौ साल पीछे धकेल देता है. इंडियन पीनल कोड के सेक्शन 375 के मुताबिक "एक महिला के साथ बिना उसकी इच्छा के, बिना उसकी मंजूरी के, जबरदस्ती, धोखा देकर, बहला कर, नशे की हालत में, मानसिक बीमारी की हालत में और 16 साल के कम उम्र की लड़की के साथ किसी भी स्थिति में बनाया गया संबंध" रेप माना जाता है. लेकिन इंडियन पीनल कोड के अनुसार किसी लड़के के साथ हुए रेप को क्रिमिनल ऑफेंस नहीं माना जाता है. इससे भी दो कदम आगे सेक्शन 377 के हिसाब से होमोसेक्सुअलिटी एक क्राइम है. और आपसी सहमति से बनाए गए दो पुरुषों के बीच के सेक्स-संबंध को अननेचुरल माना गया है. ऐसे में एक समलैंगिक व्यक्ति रेप के बाद पुलिस के पास भी नहीं जा सकता. क्योंकि उसका तो होना ही एक गुनाह है. homosexual-male-rape-victim-shares-his-story-1-bccl-1483429997 भारतीय कानून के इस अनफेयर सेक्शंस और अपने साथ हुए रेप की घटना को लेकर हुए चैट का स्क्रीनशॉट को रेप विक्टिम लड़के के दोस्त ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है. विक्टिम का दोस्त खुद भी एक समलैंगिक है. इस लड़के के साथ रेप करने वाला शख्स कोई आम लोफर या सड़क छाप गुंडा नहीं है, बल्कि रेपिस्ट दिल्ली के एक जाने-माने यूनिवर्सिटी का स्टूडेंट है. जिसे हम आम बोलचाल की भाषा में शरीफ कहते हैं. ऐसा लगता है कि देल्ली लड़कों के लिए भी उतना ही अनसेफ है, जितना लड़कियों को लेकर. क्योंकि लड़कों के साथ होने वाली रेप की ज्यादातर घटनाएं भी दिल्ली में ही होती हैं. पर ऐसे लडकों के पास इंसाफ मांगने के लिए कोई कानूनी आवाज नहीं है. इस चैट में विक्टिम लड़के ने अपनी इस दर्दनाक घटना को बयान किया है. chat 1     chat 2 chat 3 chat 4 chat 5 chat 6     इस बातचीत को पढ़ कर आप उस लड़के के दर्द को महसूस कर सकते हैं. यहां तक कि उस रात हुए हादसे के लिए भी वो खुद को ही जिम्मेदार मान रहा है. हम चाहते हैं कि उस लड़के को जस्टिस मिलना चाहिए, जो वो डिजर्व भी करता है. हम ऐसे देश में रह रहे हैं जहां 'गे' होना, खुद को आइसोलेटेड करने जैसा है. अब सिस्टम को चाहिए कि गे-राइट्स के लिए आगे बढ़े. पुराने स्टीरियोटाइप्स को तोड़े. और नए कानून बनाए.

 ये स्टोरी आदित्य प्रकाश ने की है   

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