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आदमी पॉटी करने गया और पेट से निकला साढ़े पांच फुट लंबा ये कीड़ा

रोज कच्ची मछली खाता था. डॉक्टरों ने बताई और भी वजह.

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पॉटी करने गए इस आदमी के अंदर से निकला साढ़े पांच फुट लंबा कीड़ा.
एक आदमी अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में एक हॉस्पिटल पहुंचा. वहां जाके उसने डॉक्टर को एक सब्जी वाली पन्नी पकड़ाई. डॉक्टर पहले तो चौंका, लेकिन पन्नी पकड़ ली. फिर उस 30 साल के आदमी फ्रेस्नो ने डॉक्टर केनी बान (Kenny Bahn) से पेट के कीड़ों का इलाज करने को कहा. केनी को लगा ऐसे केस तो रेगुलर आते हैं. कोई बड़ी बात नहीं है. लेकिन जब फ्रेस्नो ने अपनी बीमारी डीटेल में बतानी शुरू की तो डॉक्टर की फूंक सरक गई. क्योंकि उसके पेट से तकरीबन साढ़े पांच फुट का कीड़ा निकला था. ये बातें यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया, सैन फ्रांसिस्को के इमर्जेंसी फिजिशियन डॉक्टर केनी बान ने इसी महीने एक पॉडकास्ट 'दिस वोंट हर्ट अ बिट' में बताईं.
जमीन पर फैला साढ़े पांच फुट लंबा पैरासाइट.
जमीन पर फैला साढ़े पांच फुट लंबा पैरासाइट.

पॉटी के रास्ते निकला ये कीड़ा
फ्रेस्नो अगस्त, 2017 में केनी के पास पहुंचे थे. केनी के मुताबिक फ्रेस्नो ने बताया कि उन्हें अचानक से बहुत ज़ोर से टट्टी लगी. उन्हें लगा कि पेट में मरोड़ या डायरिया की वजह से ऐसा हो रहा है. लेकिन इसके बाद टॉयलेट में उन्होंने जो देखा, उस पर यकीन करना मुश्किल था. उन्हें अपने पीछे से कुछ लटकता हुआ नज़र आया. पहले तो वो उसे देखकर बहुत डर गए. लेकिन हिम्मत जुटाते हुए उसे बाहर खींचने लगे. काफी देर तक खींचने के बाद वो चीज़ बाहर निकली और छूटते ही रेंगने लगी. वो एक तरह का कीड़ा था.
केनी ने जब फ्रेस्नो की दी हुई, वो पन्नी खोली तो उसमें एक कार्डबोर्ड था, जिसपर कुछ लिपटा हुआ था. वो एक मरा हुआ टेपवॉर्म था. टेपवॉर्म एक तरह का पैरासाइट होता है, जो अधपके मीट में पाया जाता है. ये इंसानों या जानवरों के पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाता है. केनी ने उसे प्लास्टिक से निकाला और जमीन पर फैला कर नापा तो उसकी लंबाई साढ़े पांच फुट के करीब थी.
कार्डबोर्ड पर लिपटा पैरासाइट.
कार्डबोर्ड पर लिपटा पैरासाइट.

पेट में आया कैसे ये कीड़ा?
डॉक्टर केनी ने बताया कि वो कीड़ा उनके पेट में इतना बड़ा हो गया था कि अब वो बाहर लटकने लगा था. केनी को फ्रेस्नो ने बताया कि उन्हें कच्ची मछली बहुत अच्छी लगती है. इसीलिए वो सामन साशिमी (मछलियों के कच्चे मांस से बनी एक जापानी डिश) रोज खाते हैं. फ्रेस्नो को ये विश्वास था कि ये कीड़ा इसी को खाने की वजह से आया है. लेकिन डॉक्टरों का कहना था कि ये सिर्फ मीट से नहीं, बल्कि उसे किस तरह से पकाया गया है, इस पर डिपेंड करता है.
ऐसे होते हैं टेपवॉर्म.
ऐसे होते हैं टेपवॉर्म.

इस बारे में डॉक्टरों और रिसर्च का क्या कहना है?
यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (US Food & Drug Administration) ने सीफूड (समुद्री खाने) में पाए जाने वाले पैरासाइट को कंट्रोल करने के लिए एक गाइडलाइन जारी की है. इसमें उन्होंने बताया है कि किस चीज़ के मांस को कितने टेंपरेचर पर कितनी देर तक रखना चाहिए, ताकि उसमें मौजूद सारे नुकसानदेह कीटाणु मर जाएं. 2017 के एक रिसर्च ये बात सामने आई थी कि अलास्का के बर्फीले पानी में पाई जाने वाली सामन (मछली की एक प्रजाति) जापानी टेपवॉर्म डिफीलोबोद्रियम निहोंकैंस (Diphyllobothrium nihonkaiense) से इंफेक्टेड हैं. डिफीलोबोद्रियम इंसान की बॉडी में पाया जाने वाला सबसे लंबा पैरासाइट होता है.
ऐसी होती हैं सैलमन फिश.
ऐसी होती हैं सैलमन फिश.

नुकसान कुछ खास नहीं, बस डरा देता है
ये इंसानों को कुछ ज़्यादा नुकसान नहीं पहुंचाती. डॉक्टरों की मानें, तो आमतौर पर इसकी वजह से पेट दर्द, उल्टी और डायरिया जैसी बीमारियों की ही शिकायत आती है. जिसे दवा देकर आसानी से ठीक किया जा सकता है. फ्रेस्नो को भी इस बीमारी से निजात दिलाने के लिए दवाई दी गई. उन्होंने अब सुशी और सामन साशिमी खाने से भी तौबा कर लिया है.


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