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हम बैठ कर देखेंगे और इस साल मर जाएंगे ये 90 हजार बच्चे

यूनिसेफ की रिपोर्ट के मुताबिक नाइजीरिया में भूखे मर रहे हैं बच्चे.

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फोटो - thelallantop

UNICEF ने दुनिया को चेताया है कि अगर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया तो नाइजीरिया में आने वाले 12 महीनों में 90 हजार से ज्यादा बच्चे मारे जाएंगे.

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नाइजीरिया में आतंकी संगठन 'बोको हराम' ने नरक मचा रखा है. बोको की वजह से 4 लाख बच्चों को घोर कुपोषण ने घेर लिया है. इनको तुरंत मदद की दरकार है. बच्चों के लिए काम करने वाली संस्था यूनिसेफ का कहना है कि यहां पर माहौल ठीक करने के लिए बहुत सारे फंड की जरूरत है. लेकिन इतना पैसा जुट नहीं पा रहा है. बड़ी-बड़ी बातें करने वाले देश भी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं. इन बच्चों की बीमारी की वजह से उनका पूरा परिवार अस्पतालों के चक्कर काटता रहता है. एक पूरी जेनरेशन इलाज कराने में ही चुक रही है. फिर भी इलाज नहीं हो पा रहा. पर क्यों बने हैं ऐसे हालात?
A child who is suffering brain damage resulting from Cerebral Spinal Meningitis is seen at the Save the Children stabilisation ward in Maiduguri, Nigeria November 30, 2016. Picture taken November 30, 2016. REUTERS/Afolabi Sotunde
हालात ऐसे ही रहे तो हर दिन मरेंगे 240 बच्चे (Reuters)

इसकी जड़ में इस्लामी संगठन बोको हराम है
बोको हराम एक ऐसा संगठन है जो इस्लाम के नाम पर कुछ भी कर देता है. ये लोग नाइजीरिया की मौजूदा सरकार का तख़्तापलट कराना चाहते हैं. साथ ही पूरे देश के लोगों को मध्ययुगीन कानूनों के अंतर्गत रखना चाहते हैं. ये लोग खास तौर से बच्चों पर अटैक करते हैं. उनको जबर्दस्ती मिलिटैंट बनाते हैं. बहुत सारे बच्चों को सेक्स स्लेव बना के रखते हैं. एक स्कूल से इन लोगों ने 300 से ऊपर लड़कियों को उठा लिया था. बहुत सारी लड़कियों का आज तक कुछ पता नहीं चला है. अब वो बच्चों को सुसाइड बॉम्बर भी बना रहे हैं.
https://www.youtube.com/watch?v=GB2ekADS2RE
इनकी क्रूरता के चलते नाइजीरिया के पूर्वोत्तर इलाके से 17 लाख लोग भाग कर रिफ्यूजी कैंप में आ गए हैं. पर कैंपों में भी कोई सुविधा नहीं है. इनकी हालत बहुत खराब है. सबसे ज्यादा खराब हालत है बोर्नो, योब, अदमावा इलाकों के कैंपों में. नाइजीरिया के पड़ोसी देशों नाइजर और कैमरन में कुछ कैंप बनाए गए हैं, जो थोड़े ठीक हैं. कैंपों में लोग ठहर रहे हैं. पर यहां कमाने के लिए कुछ भी नहीं है. हर चीज के लिए दूसरों पर निर्भर हैं. यहां पर चीजें बहुत महंगी हैं. खाना खरीदने को पैसे नहीं है. बहुत लोग भूखे रहते हैं. बीमार भी हैं.

रिकॉर्ड के मुताबिक कैंपों में  7 लाख लोग ऐसे हैं, जो जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं. इनमें आधे से ज्यादा बच्चे हैं.


A woman, who was freed by the Nigerian army from Boko Haram militants in the Sambisa forest, feeds her child at the Malkohi camp for internally displaced people in Yola, Nigeria, May 3, 2015. Picture taken May 3, 2015. REUTERS/Afolabi Sotunde
(Reuters)

कुपोषण के खतरनाक होने की तस्दीक अफ्रीका में बच्चों के लिए काम कर रही एक संस्था Save the Children’s West and Central Africa भी करती है. माइक संडरलैंड इस संस्था के मीडिया मैनेजर हैं. वो ब्रिटिश वेबसाइट द इंडिपेंडेंट को बताते हैं-
जिन बच्चों को कुपोषण है, वो सबसे खतरनाक हालत में हैं. न्यूमोनिया या डायरिया की तुलना में कुपोषण 9 गुना ज्यादा खतरनाक है. ये सीधा मौत के मुंह में ले जाता है. कुछ बच्चे कम उम्र में ही कई बार कुपोषण के शिकार हो जाते हैं. वो अगर ठीक भी हो जाएं, तो जिंदगी भर कमजोर ही रह जाएंगे.
A child rescued from Boko Haram in Sambisa forest carries a baby in front of a clinic at the Malkohi camp for Internally Displaced People in Yola, Adamawa State, Nigeria May 3, 2015. Hundreds of traumatised Nigerian women and children rescued from Boko Haram Islamists have been released into the care of authorities at a refugee camp in the eastern town of Yola, an army spokesman said. REUTERS/Afolabi Sotunde
मौत के मुंह में लाखों बच्चे (Reuters)

इस खतरनाक स्थिति से भी भयावह चीज है. मदद पहुंचाने वाले लोग जरूरतमंद बच्चों तक पहुंच ही नहीं पा रहे. यूनिसेफ लगातार कोशिश कर रही है. अगर फंड इकट्ठा हो जाएं तो ये लोग किसी तरह पहुंच सकते हैं. यूनिसेफ पर डोनेट करने के लिए ये रही लिंक-
https://www.unicef.org/infobycountry/nigeria_55544.html


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