ये खबर तो मिल गई होगी. कि अखलाक के मर्डर का आरोपी ग्रेटर नोएडा जेल में बंद था. नाम था रवि. उसकी बीमारी की हालत में मौत हो गई. खबर गांव पहुंची. बवाल हो गया. कहा जा रहा है कि पुलिस की लापरवाही से मौत हुई है. उसको कैद में पीटा जाता था.

सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. गांव वालों ने जुलूस निकाला. निष्पक्ष जांच की मांग की. भारी मात्रा में फोर्स तैनात है वहां. पुलिस के सायरन सांय-सांय कर रहे हैं.

1 करोड़ का मुआवजा मांग रहे हैं. लेकिन देखने वाली बात है इनका प्रदर्शन के प्रति समर्पण. इनको बोर्ड नहीं मिला तो किसी के चुनाव प्रचार का उखाड़ लिया. पेंट नहीं कराया. बोर्ड के पीछे पतले वाले मार्कर पेन से लिख डाला. अब तो सरकार को इनकी मांग माननी ही चाहिए.