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टीम बाइडेन में 20 भारतवंशियों को मिलेगी जगह, शपथ ग्रहण के लिए वॉशिंगटन किले में तब्दील

जानिए किन 20 लोगों को मिल रहा है मौका.

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बिडेन की टीम में करीब 20 भारतीय-अमेरिकियों को भी जगह मिली है. फोटो- PTI
अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) बुधवार 20 जनवरी को शपथ लेंगे लेकिन उससे पहले राजधानी वॉशिंगटन में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं. व्हाइट हाउस की तो मानो किलेबंदी कर दी गई है. पूरा शहर हाई अलर्ट पर है. बाइडेन के शपथ ग्रहण समारोह में काफी कुछ ऐसा होगा, जैसा पहले कभी नहीं हुआ है. सबसे खास बात तो ये है कि जो टीम बाइडेन ने बनाई है, उसमें करीब 20 भारतवंशियों को जगह दी गई है.
आपको इन लोगों के बारे में भी बताएंगे लेकिन उससे पहले जान लीजिए कि वॉशिंगटन और व्हाइट हाउस के लिए क्या सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और ट्रंप का आगे के लिए क्या प्लान है? सबसे पहले बात सुरक्षा की, क्योंकि 6 जनवरी को अमेरिका में जो हुआ वो दुनियाभर ने देखा था.
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वॉशिंगटन में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. फोटो- PTI
सुरक्षा के बेहद तगड़े इंतजाम तीन लेयर्स में व्हाइट हाउस की सुरक्षा का प्लान तैयार किया गया है. अमेरिका के राष्ट्रपति भवन यानी व्हाइट हाउस के आस पास तारबंदी की गई है, ताकि भीड़ अंदर दाखिल ना हो सके. साथ ही आठ फीट ऊंचे लोहे के बैरिकेड लगाए गए हैं. अमेरिका के संसद भवन यानी कैपिटल हिल को आम जनता की पहुंच से दूर किया जा रहा है ताकि एक बार फिर वो ना हो जो ट्रंप के समर्थकों ने किया था. वॉशिंगटन डीसी में नेशनल मॉल को बंद कर दिया गया है.
कैपिटल बिल्डिंग को सुरक्षा बलों की पहरेदारी में सौंप दिया गया है. इससे पहले ये बिल्डिंग सार्वजनिक जगहों में शामिल थी. वॉशिंगटन में सुरक्षा के लिए 25 हजार नेशनल गार्ड्स की तैनाती की जा रही है, यानी शहर को पूरी तरह से छावनी में बदल दिया गया है. आपको बता दें कि पेंटागन ने शपथ ग्रहण समारोह के लिए नेशनल गार्ड्स के 15 हजार सैनिकों की तैनाती की इजाजत दी है. इनमें से 5 हजार सैनिक दंगा विरोधी उपकरण और हथियारों से लैस होंगे.
Security For Joe Biden Oath Ceremony इससे पहले ऐसे इंतजाम नहीं देखे गए थे. फोटो- PTI
अपनी हार क्यों नहीं मान रहे ट्रंप? अमेरिका में FBI समेत बाकी एजेंसियों को लग रहा है कि ट्रंप के समर्थक एक बार फिर से हंगामा कर सकते हैं लिहाजा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह का पूरा ढांचा ही बदला जा रहा है. आपने तस्वीरें देखी होंगी जब कोई अमेरिकी राष्ट्रपति शपथ लेता है तो हजारों लोग उसे चीयर करने के लिए पहुंचते हैं लेकिन इस बार शायद ऐसा नहीं होगा. पहला कारण तो कोरोना ही है, लेकिन कोरोना से भी बड़ा कारण ट्रंप का विरोध माना जा रहा है. बाइडेन और कमला हैरिस कैपिटल हिल के सामने शपथ लेंगे.
जो जानकारी है उसके मुताबिक पॉप स्टार लेडी गागा राष्ट्रगीत गाएंगी, जेनिफर लोपेज म्यूजिकल परफामरेंस देंगी और टॉम हैंक्स टेलीविजन प्रस्तुति देंगे. यानी धमाल में कहीं कोई कमी नहीं होगी, लेकिन ट्रंप तो अभी तक अपनी हार मानने के लिए तैयार नहीं हैं. वो ना तो शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे और ना ही विदाई भाषण देंगे. सवाल ये है कि आखिर ट्रंप लोकतांत्रिक व्यवस्था में भरोसा क्यों नहीं कर रहे हैं और क्यों जनता के फैसले को नहीं मान रहे हैं?
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बाइडेन की जीत के बाद भी ट्रंप अपनी हार स्वीकार नहीं कर रहे हैं. फोटो- PTI
भारतवंशियों के हाथ में होगा बाइडेन का कामकाज अमेरिका ने नए राष्ट्रपति जो टीम बना रहे हैं उसमें करीब 20 भारतीय अमेरिकी नागरिकों को जगह दी गई है. इनमें से 13 महिलाएं हैं. 20 में से 17 ऐसे हैं जो व्हाइट हाउस परिसर का हिस्सा रहने वाले हैं. अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की जड़ें भी भारत से ही हैं. हालांकि वे खुद को भारतवंशी की जगह दक्षिण एशियाई मूल की कहलाना पसंद करती हैं. ये पहली बार है जब इतने भारतीय-अमेरिकियों को व्हाइट हाउस प्रशासन में जगह मिली है.
नीरा टंडन को व्हाइट हाउस के ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट की डायरेक्टर चुना गया है.
डॉक्टर विवेक मूर्ति को यूएस सर्जन जनरल नामांकित किया गया है.
वनिता गुप्ता को डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस में असोसिएट अटॉर्नी जनरल चुना गया है.
उज़रा ज़ेया को अंडर सेक्रेट्री ऑफ स्टेट फॉर सिविलियन सिक्योरिटी, डेमोक्रेसी एंड ह्यूमन राइट्स चुना गया है.
माला अडिगा को फर्स्ट लेडी डॉक्टर जिल बाइडेन की पॉलिसी डायरेक्टर बनाया गया है.
गरिमा वर्मा को ऑफिस ऑफ द फर्स्ट लेडी का डिजिटल डायरेक्टर बनाया गया है.
सबरीना सिंह को फर्स्ट लेडी का डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी बनाया गया है.
आयशा शाह को व्हाइट हाउस के ऑफिस ऑफ डिजिटल स्ट्रेटजी की पार्टनरशिप मैनेजर बनाया गया है.
समीरा फाज़ली को व्हाइट हाउस की यूएस नेशनल इकॉनॉमिक काउंसिल में डिप्टी डायरेक्टर का पद सौंपा जा सकता है.
भारत राममूर्ति को व्हाइट हाउस की नेशनल इकॉनॉमिक काउंसिल में डिप्टी डायरेक्टर का पद दिया गया है.
गौतम राघवन को ऑफिस ऑफ प्रेसीडेन्शियल पर्सोनल का डिप्टी डायरेक्टर बनाया जाएगा.
विनय रेड्डी को डायरेक्टर ऑफ स्पीच राइटिंग बनाया जाएगा.
वेदांत पटेल को राष्ट्रपति के असिस्टेंट प्रेस सेक्रेटरी का पद दिया जाएगा.
सोनिया अग्रवाल को व्हाइट हाइस के ऑफिस ऑफ डॉमेस्टिक क्लाइमेट पॉलिसी में क्लाइमेट पॉलिसी एंड इनोवेशन का सीनियर एडवाइजर बनाया जाएगा.
विदुर शर्मा को व्हाइट हाउस कोविड-19 रिस्पॉन्स टीम का पॉलिसी एडवाइजर बनाया गया है.
तीन भारतीय अमेरिकियों को व्हाइट हाउस की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में जगह मिली है. इनमें तरुण छाबड़ा को टेक्नोलॉजी और नेशनल सिक्योरिटी का सीनियर डायरेक्टर  बनाया गया है, सुमोना गुहा को साउथ एशिया का सीनियर डायरेक्टर बनाया गया है और शांति कालाथिल को डेमोक्रेसी एंड ह्यूमन राइट्स का कॉर्डिनेटर बनाया गया है. इनके अलावा नेहा गुप्ता और रीमा शाह को ऑफिस ऑफ व्हाइट हाउस काउंसिल का डिप्टी एसोसिएट बनाया गया है.

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